Google Analytics —— Meta Pixel

आम बजट 2025 : 12 लाख तक की आय में अब कोई टैक्स नहीं, जल्द आएगा नया आयकर बिल

11

नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में रिकॉर्ड आठवां लगातार बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने और मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दे दी है। अब 12 लाख रुपये तक की आमदनी आयकर के दायरे से बाहर होगी। वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष कर पर बजट में कहा कि नए आयकर विधेयक में न्याय की भावना को प्रमुखता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा। इसमें जब स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ देंगे तो वेतनभोगी लोगों के लिए 12.75 लाख रुपये की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।उन्होंने कहा कि टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा। नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है।

वित्त मंत्री के बजट 2024 के अनुसार पहले किसी करदाता की सालाना आय 7 लाख 75 हजार रुपये तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7 लाख रुपये सालाना हो जाती थी। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। इसका मतलब है अगर किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 64000 या 64500 रुपये के आसपास थी तो नई कर प्रणाली के तहत उसकी आमदनी टैक्स फ्री थी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार पहली बार उद्यम शुरू करने वाली पांच लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए दो करोड़ रुपये का ऋण शुरू करेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी में बीते कुछ वर्षों में बड़ा इजाफा हुआ है। हालांकि, पीआईबी के आंकड़ों के अनुसार, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी की दर 41त्न है, जो वैश्विक औसत से कम है। इसे देखते हुए सरकार बजट 2025 में महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही है। वित्त मंत्री ने 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए यह भी कहा कि एसएमई और बड़े उद्योगों के लिए एक विनिर्माण मिशन स्थापित किया जाएगा।

इसके अलावा सरकार श्रम-प्रधान क्षेत्रों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सुविधाजनक उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि ऋण गारंटी ‘कवरÓ को दोगुना करके 20 करोड़ रुपये किया जाएगा तथा गारंटी शुल्क को घटाकर एक प्रतिशत किया जाएगा। मंत्री ने बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना करने की घोषणा भी की। मानक कटौती 75,000 रुपये के साथ नौकरी पेशा लोगों को अब 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई कर नहीं देना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि कर छूट से मध्यम वर्ग के लोगों के पास खपत के लिए अधिक पैसे बचेंगे। साथ ही निवेश और बचत भी बढ़ेगी। वित्त मंत्री ने इसके साथ अलग-अलग कर स्लैब में भी बदलाव का प्रस्ताव किया। इसके तहत, अब चार लाख रुपये सालाना आय पर कोई कर नहीं लगेगा। चार से आठ लाख रुपये पर पांच प्रतिशत, आठ से 12 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, 12 लाख से 16 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपये से 24 लाख रुपये पर 25 प्र.श.तथा 24 लाख रुपये से ऊपर की सालाना आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा।

जीवन रक्षक दवाओं पर आयात शुल्क में छूट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को बजट भाषण पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में किसानों से लेकर महिलाओं तक के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कई चीजों पर टैक्स घटाने का ऐलान किया है। इससे उनकी कीमतें कम होंगी। वहीं, कुछ पर टैक्स बढ़ सकता है, जिससे कि वे महंगी हो जाएंगी। आइए जानते हैं आम लोगों के लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा…36 जीवन रक्षक दवाओं को आयात शुल्क पर छूट। छह जीवनरक्षक दवाओं पर आयात शुल्क पांच प्रतिशत कम टी व्ही और स्मार्टफोन्स होंगे सस्ते।

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का ऐलान
वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण बजट 2025 की शुरुआत किसानों के लिए नई स्कीम ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजनाÓ के साथ किया। इस स्कीम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद की संभावना है। इसके अलावा उन्होंने किसान क्रेडिट क्रेडिट लिमिट को 3 लाख से 5 लाख करने का ऐलान किया। इसके अलावा बिहार मखाना बोर्ड के गठन का भी ऐलान किया गया।पीएम धन धान्य कृषि योजना कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करेगी। यह कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगा और पंचायत स्तर पर भंडारण में वृद्धि करेगा। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता कै लिए राष्ट्रीय तेल मिशन को चला रही है। 10 साल पहले हमने ठोस प्रयास किए थे और दलहन में आत्मनिर्भरता प्राप्त की थी। तब से इनकम में वृद्धि और बेहतर आर्थिक क्षमता की वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्री ने कहा मेक इन इंडिया, इम्पलॉयमेंट और इनोवेशन, एनर्जी सप्लाई, स्पोट्र्स का डेवलपमेंट का विकास हमारी विकास यात्रा में शामिल हैं और इसका ईंधन रीफॉम्र्स हैं। ग्रामीण संपन्नता और अनुकूलन निर्माण राज्यों की भागीदारी से शुरू किया जाएगा। युवा किसानों, ग्रामीण महिलाओं, किसानों खासतौर पर छोटे किसानों पर ध्यान केंद्रित करेगा।