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दुकानदारों को खुले आम चूना लगा रही मासूम शक्ल वाली नाबालिग लड़की

Upi

जशपुर| जशपुर जिले के पत्थलगांव शहर में एक ऐसी नाबालिग छात्रा है। जो लगातार शहर के व्यापारियों को ठगी का शिकार बना रही है। पत्थलगांव शहर में क्यूआर स्कैन क्वीन के नाम से चर्चित यह लड़की फर्जी पेमेंट ऐप के जरिए दुकानदारों को चूना लगा रही है। जानकारी के मुताबिक पत्थलगांव शहर में कक्षा 9वीं की नाबालिग स्कूली छात्रा, जिसे लोग अब क्यूआर स्कैन क्वीन बुलाने लगे हैं, अपनी चालाकी से व्यापारियों को बेवकूफ बना रही है।

यह लड़की अपनी मासूम शक्ल का फायदा उठाकर दुकानों में शॉपिंग करती है, फिर फर्जी पेमेंट ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर पेमेंट सक्सेसफुल का स्क्रीनशॉट दिखाती है और चंपत हो जाती है।” इस नाबालिग छात्रा ने शहर के कई दुकानदारों को अपना निशाना बनाया है। नाबालिग ने शहर के कपड़े के शो रुम के अलावा, किराने की दुकान, फल दुकान यहां तक कि ब्यूटीपार्लर को भी नहीं बख्शा।

एक फल दुकान संचालक ने बताया कि वो आई और उससे कहा कि उसके घर में पैसे नहीं हैं, उसे पैसों की आवश्यकता है। फोन पे कर दूंगी मुझे 1500 रुपये दे दीजिए, फल वाले ने उसकी बातों का भरोसा कर लिया और उसने उस लड़की को पैसे दे दिए। नाबालिग स्कूली छात्रा कहें या क्यूआर क्वीन उसने पेमेंट सक्सेलफुल होने का स्क्रीन शॉट दिखाया और चली गई। बाद में पता चला कि पेमेंट हुआ ही नहीं है।

वहीं इसके झांसे में एक ब्यूटीपार्लर वाली भी आ गई, जहां उसने 1100 रुपये का मेकअप करवाया। स्क्रीन पर पेमेंट सक्सेलफुल का मैसेज दिखाया और कहा, आंटी, चार-पांच दिन बाद ब्राइडल मेकअप करवाने आऊंगी। जब ब्यूटीपार्लर की संचालिका के पास 2 दिन बाद भी पैसे नहीं आये तो उसे अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, इस नाबालिग को ठगी की ट्रेनिंग इंस्टाग्राम के जरिए एक दोस्त से मिली। वह सिर्फ पत्थलगांव ही नहीं, बल्कि अंबिकापुर और रायगढ़ जैसे शहरों में भी अपने कारनामों को अंजाम दे चुकी है। छोटी-छोटी रकम होने की वजह से कई व्यापारी शिकायत दर्ज करने से हिचक रहे हैं, लेकिन ठगी का यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा।

अब सवाल यह है कि क्या मासूमियत के पीछे छुपकर की जा रही ऐसी ठगी को नजरअंदाज किया जाना चाहिए? क्या जनजागरूकता के सारे प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं? आखिर इस क्यूआर स्कैन क्वीन की हरकतों पर लगाम कब लगेगी? ऐसे मामलों में व्यापारियों को सतर्क रहना होगा। क्यूआर पेमेंट करने से पहले बैंक स्टेटमेंट या यूपीआई ऐप में क्रेडिट की पुष्टि जरूर करें। साथ ही, ऐसी घटनाओं की शिकायत तुरंत पुलिस से करनी चाहिए, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

फिलहाल, पत्थलगांव के दुकानदारों में खलबली मची हुई है। कई लोग झंझट से बचने के लिए खुलकर सामने नहीं आ रहे। लेकिन अगर समय रहते इस ठगी के खेल पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह स्कैम क्वीन न जाने कितने और व्यापारियों को अपना शिकार बनाएगी। हालांकि इस पूरे मामले में शिकायत मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस कार्रवाई की बात कह रही है।

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