गृह मंत्री अमित शाह से मिले नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे, शिक्षा से जोडऩे ‘लियोर ओयना’ बना रोल मॉडल
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं. राजधानी रायपुर में उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से पहुंचे बच्चों और युवाओं से मुलाकात की. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जिन मासूम बच्चों के हाथों में नक्सलियों ने कभी बंदूकें थमाई थी, आज उन्हीं हाथों में आज किताबें देकर भविष्य संवारा जा रहा है.
छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों के जीवन को बदलने वाली एक सराहनीय पहल -‘लियोर ओयना’ योजना – अब धरातल पर सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना उन मासूम बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रही है, जिन्हें कभी नक्सलियों ने अपने स्वार्थ के लिए हिंसा और बंदूक की राह पर धकेलने की कोशिश की थी। अब वही बच्चे शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आशाओं के रास्ते पर चल पड़े हैं।
राज्य सरकार द्वारा संचालित इस अभिनव योजना के तहत बीजापुर जिले के उसूर और गंगालूर विकासखंड के युवाओं को रायपुर लाया गया है। यहां उनके लिए विशेष शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे देश और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इस योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बल्कि सुरक्षा, काउंसलिंग, पोषण, कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएँ भी दी जा रही हैं।
“लियोर ओयना ” का अर्थ होता है – “नई सुबह”, और यह सचमुच इन बच्चों के जीवन में एक नई सुबह लेकर आया है। योजना से जुड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इससे पहले ये बच्चे नक्सल हिंसा, असुरक्षा और डर के वातावरण में पले-बढ़े थे, लेकिन अब वे आत्मविश्वास और विकास की भावना के साथ जीवन जीना सीख रहे हैं। राज्य सरकार का यह प्रयास युवाओं को हिंसा की जगह शिक्षा और सशक्तिकरण के रास्ते पर लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। आज नवा रायपुर में जब इन बच्चों से मुलाकात हुई तो उनका उत्साह, जिज्ञासा और आत्मविश्वास देखकर सभी अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मन आनंदित हो गया।
कई बच्चों ने भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और पुलिस अफसर बनने की इच्छा जाहिर की। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल नक्सल उन्मूलन की नीति को सामाजिक दृष्टिकोण से मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल भी बन रही है कि कैसे शिक्षा और संवेदनशील योजना निर्माण से कट्टरपंथ और हिंसा को समाप्त किया जा सकता है।