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थाने और अस्पताल में बैठकर अब विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दे सकेंगे गवाही

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दुर्ग। जिला प्रशासन ने कोर्ट में पेशी के बजाय विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई कराने की प्रक्रिया की शुरुआत की है। इसके पूरी तरह से लागू होते ही अब सरकारी दफ्तरों से ही विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में गवाही होगी। जिला प्रशासन ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेटअप (कैमरा और कम्प्यूटर) ऑफिस में लगाने के लिए बजट जारी किया है।

सीएसआर फंड से पुलिस, स्वास्थ्य और अभियोजन विभाग में यह सेटअप लगाया जाएगा। आर एफएसएल में बनना है वीसी सेंटर: इधर, बीते दिनों कमिश्नर ने रीजनल फॉरेंसिक सेंटर का दौरा किया था। आदेश दिया था कि सेंटर में एक विडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम बनाने के निर्देश दिए थे।

वहीं पूर्व लोक अभियोजक बालमुकुंद चंद्राकर ने बताया कि कई मामलों में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की गवाही हो रही है। इसमें उनकी गवाही के बाद कोर्ट उनके बयान घर भेज देती है। इसमें गवाह हस्ताक्षर करके दस्तावेज दोबारा कोर्ट को भेजते हैं। इसके बाद बयान को कोर्ट अपने दस्तावेजों में संलग्न करती हैं।

पूरी तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद वीसी के माध्यम से गवाही आसान हो पाएगी। पुलिस केस में शामिल होते है कई विभाग : पुलिस के मुताबिक एफआईआर के नेचर के मुताबिक साक्षियों को जोड़ा जाता है। पटवारी नक्शा नए कानून में आवश्यक कर दिया गया है।