छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण बढ़ा? एक साल में आठ जिलों से शिकायतें, विधानसभा में उठा मामला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में क्या धर्मांतरण बढ़ रहा है? यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ, क्योंकि बीते पांच साल में से आखिरी एक साल में शिकायतों का ग्राफ ऊंचा उठ गया है। भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने बुधवार को प्रश्नकाल में धर्मांतरण के मामलों की जानकारी मांगी। जवाब में गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रदेशभर के आंकड़े सामने रख दिए।
आंकड़ों के अनुसार पांच साल में सबसे ज्यादा, महासमुंद में 10, बिलासपुर में नौ और रायपुर में आठ प्रकरण धर्मांतरण की शिकायत के दर्ज किए गए हैंं। रायपुर में वर्ष 2021-22 में पांच और फिर वर्ष 2024-25 में तीन प्रकरण सामने आए। जबकि बिलासपुर में वर्ष 2024-25 में आठ और वर्ष 2023 में एक प्रकरण मिला था। गृह मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2021-22 में महासमुंद में सर्वाधिक दस प्रकरण मिले थे। जबकि धमतरी में एक दुर्ग में 6, बालोद में एक, सरगुजा में एक, जशपुर में छह और बस्तर में एक शिकायत मिली थी। वर्ष 2022-23 में दुर्ग में एक, जांजगीर चांपा में दो, कोरबा में छह और बलरामपुर जिले में दो शिकायतें आयीं। वर्ष 2023-24 में दुर्ग, बालोद, और कोरिया में एक- एक शिकायत सामने आयी। इसी वर्ष जांजगीर चांपा में तीन, कोरबा में सात और बलरामपुर में दो प्रकरण मिले।
वर्ष 2024-25 में कुल 43 शिकायतें धर्मांतरण को लेकर की गई हैं। जबकि जांच के बाद केवल 23 प्रकरणों में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। सिर्फ एक प्रकरण में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जानकारी दी गई है। इस वर्ष में रायपुर में तीन, महासमुंद, दुर्ग, कबीरधाम, सूरजपुर, दंतेवाड़ा में एक- एक शिकायत की गई है। इसी तरह बालोद में तीन, बिलासपुर में आठ, जांजगीर चांपा में पांच, कोरबा में सात, गौरेला पेंड्रा मरवाही में दो, बलरामपुर में दस शिकायतें की गई हैं।
गृह मंत्री ने जवाब में बताया कि धर्मांतरण या मतांतरण की शिकायत पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खुफिया सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया है। साथ ही थाना पेट्रोलिंग के आरक्षकों को अवैध धर्मांतरण की गतिविधि पर निगाह रखने को कहा गया है। इसके अलावा किसी भी सार्वजनिक धार्मिक आयोजन के लिए विधिवत अनुमति लेने के लिए सभी को प्रेरित किया जा रहा है।