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विधानसभा में प्रदेश के विकास से जुड़े तीन नए विधेयक पारित, पेंशनरों के लिए अलग से फंड की होगी व्यवस्था

vidhan sabha cg
रायपुर| छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज प्रदेश के विकास से जुड़े तीन नए विधेयक पारित कर दिए गए। तीनों विधेयक वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ओर से पेश किए गए थे। पहला विधेयक प्रदेश के पेंशनर से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ पेंशन निधि विधेयक 2025 के जरिए प्रदेश में पेंशनरों के लिए अलग से फंड तैयार किया जाएगा।जिसमें हर साल कुछ निश्चित राशि जमा की जाती रहेगी।
वहीं प्रदेश के कर्मचारी जब रिटायर होंगे तब उनके पेंशन की व्यवस्था इसी फंड से होगी। इससे रिटायर कर्मचरियों के मद का कोई बड़ा भार राज्य के खजाने पर नहीं आएगा। इस तरह का कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य भी बन गया है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में हर साल करीब सवा 10 हजार करोड़ रुपये पेंशन के लिए खर्च होते हैं।
एक दूसरा महत्वपूर्ण विधेयक छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबलिटी फंड भी पारित हुआ है। इसके जरिए प्रदेश में पूंजीगत व्यय के लिए अलग से फंड तैयार किया जाएगा। मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि भविष्य में अगर कभी राजस्व प्राप्ति कम हुई, तब प्रदेश के विकास के लिए फंड की समस्या ना हो, इसलिए यह पहल की गई है। प्रदेश को हर साल मिनरल्स रॉयल्टी के रूप में जो राजस्व प्राप्त होता है, उसका एक प्रतिशत से लेकर 5 प्रतिशत राशि इस फंड में जमा किया जाएगा। भविष्य में इस फंड का इस्तेमाल केवल पूंजीगत व्यय के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कभी सत्ता गलत हाथों में चली जाए और फंड का दुरूपयोग ना हो इसलिए प्रावधान किया गया है कि इस फंड के खर्चे की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी। इस फंड का सीएजी ऑडिट होगा और वह रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश होगी।
एक तीसरा विधेयक छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकासप्राधिकर की स्थापना को लेकर पारित किया गया। इससे रायपुर और उसके आस पास के एरिया के सुव्यवस्थित विकास और यहां के रहवासियों के लिए बेहतर माहौल देने की कोशिश होगी।