चैतन्य बघेल को जेल, ईडी को नहीं मिली रिमांड, कोर्ट ने 14 दिनों के लिए भेजा जेल
रायपुर। शराब घोटाला केस में फंसे पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल मंगलवार को रिमांड खत्म होने ईडी ने विशेष अदालत में पेश किया। ईडी ने रिमांड की अवधि बढ़ाने की मांग की है। जज ने फैसला सुनाते हुये 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आज से 4 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर रहेंगे।
सोमवार को ईडी ने बताया कि 2019-2022 के बीच में 2500 करोड़ का घोटाला हुआ है, जिससे सरकार को बड़ा नुकसान हुआ है। ईडी ने बताया कि चैतन्य बघेल के पास 16 करोड़ 70 लाख की अवैध कमाई पाई गई है। रकम को अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए वैध दिखाने की साजिश की।
ईडी ने बताया कि 16.70 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) चैतन्य बघेल के पास पाई गई है। इस राशि को उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए वैध दिखाने की साजिश की। नकद भुगतान, बोगस बैंक एंट्रीज और कॉन्ट्रेक्टर को कैश देने जैसी रणनीति के जरिए काले धन को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में खपाया गया।
ईडी के मुताबिक त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर एक योजना बनाई, जिसके तहत ढिल्लो के कर्मचारियों के नाम पर उनके “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैट खरीदे गए। चैतन्य को 5 करोड़ रुपए मिले। बैंकिंग रिकॉर्ड से पता चला है कि उस दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लो को शराब सिंडिकेट से पैसा मिला था, जिसे बाद में चैतन्य को ट्रांसफर किया गया।