जीएसटी टीम ने फेन्नी इंटरप्राइजेज में मारी रेड, 25 रूपये सस्ता बेचता था डीजल
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में एक गुजराती ‘मोटा भाई’ ने ट्रक ड्राइवरों को 25 लीटर सस्ता डीजल उपलब्ध करा कर भी 64 करोड़ का खेल कर दिया. राजनांदगांव के पास स्टेट जीएसटी ने कमिश्नर पुष्पेंद्र मीणा के नेतृत्व में बड़ी कारऱ्वाई की है. कार्रवाई में पता चला कि एक गुजराती मोटा भाई ने गुजरात से कथित बेस ऑयल मंगाकर उसे ट्रकों में डीज़ल के रूप में बेचना शुरू कर दिया. ट्रक ड्राईवर भी यहां से बड़ी मात्रा में करीब 25 रुपए लीटर सस्ता डीजल खरीदते थे.
पड़ताल में पता चला कि फेन्नी इंटरप्राइजेज का मालिक गुजरात का रहने वाला है. यहां एक बंद ढाबा को किराये पर लेकर चार कमरों में 4000-4500 लीटर प्रति टंकी की क्षमता वाली 9 टंकियों को रखकर ( कुल क्षमता 40,000 लीटर) रखकर एक कमरा में पंप और मीटर लगाकर लोगों को डीजल बताकर बेचाता था.
जबकि मालिक जीएसटी विभाग को बेस ऑइल बताकर खरीदी बिक्री दिखता था. पेट्रोलियम कंपनी का डीजल 95 रुपये प्रति लीटर है जबकि यहाँ 70 रुपये प्रति लीटर से बेचा जा रहा था. बेस ऑइल में स्टेट जीएसटी 9 प्रतिशत लगता है जबकि डीजल में 23प्रतिशत वैट लगता है.
45.48 करोड़ का अवैध डीजल का छत्तीसगढ़ में किया गया खपत
अब तक की जांच में पता चला है कि विगत 3.5 वर्षों में इस फर्म द्वारा लगभग 64 करोड़ रुपये मूल्य का बेस ऑयल (अवैध डीजल )खरीदना बताया गया, जिसमें से 19.1 करोड़ रुपये का माल महाराष्ट्र को बेचा गया और शेष 45.48 करोड़ रुपये का अवैध डीजल को छत्तीसगढ़ में ही खपत कर लिया गया. यह अधिकांशत: ट्रांसपोर्ट वाहनों में डीज़ल ईंधन के रूप में प्रयोग किया गया. बता दें कि बेस ऑयल केवल उद्योगों के इस्तेमाल के लिए अधिकृत है.