नक्सलियों को बड़ा झटकाः 17 लाख के 5 इनामी समेत 15 माओवादियों ने किया सरेंडर, पति-पत्नी भी शामिल…
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 15 माओवादियों ने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण नक्सलियों में 5 पर 17 लाख का इनाम घोषित था। इनमें एक दंपति भी शामिल है। आत्समर्पित महिला माओवादी पाण्डे माड़वी (कटेकल्याण एरिया कमेटी केएएमएस सदस्य) के पद पर थी और राज्य ने 1 लाख रूपये का ईनाम घोषित किया था। वहीँ, नक्सल संगठन में एसीएम कमली उर्फ मोती पोटावी वर्ष 2018 में ईरपानार एवं वर्ष 2024 में गोबेल-भटबेड़ा व थुलथुली के जंगल में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल थी। अन्य आत्मसर्पित नक्सली अपने-अपने क्षेत्र में सप्ताह बंद के दौरान रोड खोदना, पेड़ काटना, नक्सली बैनर, पोस्टर एवं पाम्प्लेट लगाने जैसी घटनाओं में शामिल थे।
दरअसल, जिले में चलाये जा रहे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ तथा नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर रही है। इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है।
इस क्रम में 5 ईनामी माओवादी सहित 15 ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया है। इनमें कई कैडर वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय थे और अब संगठन की जन विरोधी, हिंसक और दिशाहीन विचारधारा से मोह भंग के कारण उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी/बस्तर फाईटर्स, 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहा।
1020 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
मालूम हो कि लोन वर्राटू अभियान के तहत 254 ईनामी माओवादियों सहित 1020 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण किया, जिसमें जिला दन्तेवाड़ा के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर के 824 पुरूष माओवादी तथा 196 महिला माओवादी शामिल है।
आत्मसमर्पण करने वाले 15 माओवादी कैडरों की सूची
1. बुधराम उर्फ लालू कुहराम (40 वर्ष) डीव्हीसीएम, पूर्वी बस्तर डिवीजन सप्लाई टीम कमाण्डर निवासी पल्लेवाया, बांगापाल जिला बीजापुर। ( 08 लाख रूपये ईनाम )
2. कमली उर्फ मोती पोटावी (38 वर्ष) एसीएम, पूर्वी बस्तर डिवीजन सप्लाई टीम सदस्य, पुसनार, थाना गंगालूर जिला बीजापुर।( 05 लाख रूपये ईनाम )
3. पोज्जा मड़काम उर्फ पोदिया (37 वर्ष) नीलावाया आरपीसी सीनएम अध्यक्ष थाना अरनपुर दंतेवाड़ा। (02 लाख रूपये ईनाम)
4. आयते उर्फ संगीता सोड़ी (25 वर्ष) किस्टाराम एरिया कमेटी कृषि शाखा पार्टी सदस्य निवासी चिकपाल, थाना कटेकल्याण जिला दंतेवाड़ा।( 01 लाख रूपये ईनाम )
5. पाण्डे माड़वी (32 वर्ष) कटेकल्याण एरिया कमेटी पार्टी सदस्य/केएएमएस सदस्य तेलम/चिकपाल जिला दंतेवाड़ा।( 01 लाख रूपये ईनाम )
6. बामन पोड़ियाम (23 वर्ष) ग्राम करकावाड़ा जीआरडी सदस्य, थाना बांगापाल, जिला बीजापुर।
7. छन्नु राम मण्डावी (50 वर्ष) ग्राम करकावाड़ा जीआरडी सदस्य थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
8. मंगलू राम मण्डावी (50 वर्ष) ग्राम करकावाड़ा जीआरडी सदस्य थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
9. शिवराम वेको (24 वर्ष) ग्राम करकावाड़ा जीआरडी सदस्य थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
10. मुरू राम कोर्राम (29 वर्ष) मिलिशिया सदस्य पीड़ियाकोट थाना ओरछा जिला नारायणपुर।
11. पिल्लू मण्डावी (34 वर्ष) मिलिशिया सदस्य पीड़ियाकोट, थाना ओरछा जिला नारायणपुर।
12. सुकलू उर्फ सामनाथ अलामी (26 वर्ष) बोदली आरपीसी मिलिशिया सदस्य, सालेपाल, थाना मालेवाही जिला बस्तर।
13. बोमड़ा माड़वी (21 वर्ष) आदेर आरपीसी मिलिशिया सदस्य इतुल, थाना ओरछा जिला नारायणपुर।
14. बामन ओयाम (29 वर्ष) बेचापाल आरपीसी मिलिशिया सदस्य थाना मिरतुर जिला बीजापुर।
15. सन्नी उर्फ रीना ओयाम (39 वर्ष) बेचापाल आरपीसी केएएमएस सदस्य थाना मिरतुर जिला बीजापुर।
लोनवर्राटू
“लोन वर्राटू” (गोंडी भाषा में घर वापस आईए) दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा प्रारंभ किया गया एक जन-जागरूकता एवं विश्वास -स्थापना अभियान है, जिसके माध्यम से माओवाद प्रभावित ग्रामीणों और कैडरों को मुख्यधारा में लौटने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। यह अभियान अब तक 1000 से अधिक आत्मसमर्पणों का साक्षी बन चुका है। पूना मारगेम उसी सोच को विस्तार देने वाला कदम है, जिसमें आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, पुनर्वास और भविष्य निर्माण के ठोस अवसर दिए जा रहे हैं।
सरकार की पुनर्वास नीति 2025
आत्मसमर्पित माओवादियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जा रहे हैं
▪️ कौशल विकास प्रशिक्षण
▪️ स्वरोजगार व आजीविका संवर्धन
▪️ मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं सामाजिक पुनः स्थापना
▪️ सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास
यह पहल आत्मसमर्पित माओवादियों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान बस्तर रेंज के सभी सात जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर और कांकेर में चरण बद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
बता दें कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर, पिछले 18 महीनों में दंतेवाड़ा जिला में 86 ईनामी माओवादी सहित कुल 368 से अधिक माओवादियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा को अपनाया है। माओवादियों की वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर आधार क्षेत्र के सक्रिय कैडर तक बड़ी संख्या में माओवादी संगठन से अलग हो चुके हैं।
माओवादियों से अपील
“पूना मारगेम” और “लोनवर्राटू” यह संदेश देते हैं कि हर किसी को लौटने का अवसर है। दन्तेवाड़ा पुलिस तथा जिला प्रशासन शांति एवं विकास के दोहरे लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है तथा माओवादियों को संवाद, अवसर और संवेदना के माध्यम से समाज में लौटने का मार्ग देता रहेगा। माओवादियों से यह अपील की गई है कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें और शांति, सद्भाव एवं पुनर्वास का मार्ग अपनाएं। हिंसा का मार्ग छोड़िए, शांति, पुनर्वास और सम्मान की राह अपनाइएकृ अपने परिवार और बस्तर के लिए।