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नक्सलवाद की रात ढल रही है, बस्तर में विकास की नई सुबह हो रही: सीएम साय

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बस्तर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में एक बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को बस्तर रेंज में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि कुल 2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन आत्मसमर्पण करने वालों में 25 लाख के इनामी साउथ जोनल कमेटी मेंबर रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश जैसे शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं।

एक ही दिन में बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा से जुडऩे का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति की बड़ी सफलता बताया।

उन्होंने कहा, “पिछले 18 महीनों में कुल 1,570 माओवादी कैडर हमारी नीतियों से प्रेरित होकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। यह केवल सुरक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि समग्र विकास और विश्वास का परिणाम है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें एक ओर सुरक्षा बलों की मुस्तैदी है तो दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं का तेज विस्तार।

उन्होंने बताया कि बस्तर के सुदूर गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास का मजबूत आधार बताया और कहा कि सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन देने हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने समर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा भी दिलाया।

 

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