शुद्ध एवं नि: शुल्क पेयजल नागरिकों का अधिकार, बोतलबंद पानी परोसकर रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा में करोड़ों की हो रही वसूली
रायपुर। शुद्ध एवं नि शुल्क पेयजल हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है, लेकिन छत्तीसगढ़ के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में ग्राहकों से बिना मांगे बोतलबंद पानी परोसकर लाखों-करोड़ों रुपये की वसूली हो रही है. इस अनुचित प्रथा पर लगाम लगाने के लिए रायपुर नगर निगम ने छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर वॉटर फॉर ऑल अभियान शुरू किया है. इस अभियान का उद्देश्य हर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैफे और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में ग्राहकों को नि:शुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य करना है
अक्सर लोग होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं, तो बिना पूछे उनके सामने बोतलबंद पानी रख दिया जाता है. नि:शुल्क पानी की व्यवस्था न होने के कारण मजबूरी में लोग इसे खरीदते हैं और अनावश्यक खर्च करते हैं. कई बार सामाजिक लोकलाज के कारण ग्राहक विरोध भी नहीं करते. लेकिन नियम स्पष्ट है हर प्रतिष्ठान को ग्राहकों को नि:शुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना होगा और बोतलबंद पानी तभी देना चाहिए जब ग्राहक स्पष्ट रूप से इसकी मांग करे.
“वॉटर फॉर ऑल” अभियान
रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत शहर के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है. नगर निगम की टीमें और नगर निवेश उडऩदस्ता जागरूकता स्टीकर लगाने का कार्य कर रही हैं. बैजनाथपारा के होटल हैदराबाद, होटल नूरजहा, नूरजहा प्राइम, और मालवीय रोड के होटल मद्रासी जैसे कई प्रतिष्ठानों में स्टीकर लगाए जा चुके हैं जो ग्राहकों को उनके अधिकारों की जानकारी दे रहे हैं.