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छत्तीसगढ़ में पहली बार वक्फ बोर्ड की 100 करोड़ की संपत्ति हुई सरकारी, निगम को मिली विवादित जमीन

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रायपुर। रायपुर के नयापारा क्षेत्र में पहली बार वक्फ बोर्ड की जमीन को नगर निगम के हवाले कर दिया गया है। यह कदम राज्य में वक्फ संपत्तियों के पुन: परीक्षण और जांच अभियान के तहत उठाया गया है। कुल 4.5 एकड़ जमीन की अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक है, जिस पर 1920-21 से वक्फ बोर्ड का दावा था। अब तहसील अधिकारियों ने सीमांकन कर इस जमीन को निगम के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अब निगम करेगा किराया और टैक्स की वसूली

नयापारा इलाके की जिस जमीन का खसरा नंबर 689 है और जिसका रकबा 4.5 एकड़ (लगभग 1.98 लाख वर्गफीट) है, उसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 5000 प्रति वर्गफीट आंकी गई है। इस हिसाब से कुल मूल्य 100 करोड़ रुपए से अधिक बनता है। इस जमीन पर मौजूद दुकानों, स्कूल, शौचालय और बिजली ऑफिस सहित अन्य संपत्तियों से अब किराया और टैक्स की वसूली रायपुर नगर निगम करेगा। यह संपत्ति वर्षों से नयापारा मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड के नाम पर दर्ज थी।

कोर्ट ने खारिज किया वक्फ बोर्ड का दावा

इस जमीन पर मालिकाना हक को लेकर पिछले 10 वर्षों से कानूनी लड़ाई चल रही थी। तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर की सुनवाई के बाद मामला संभागायुक्त तक पहुंचा था। सभी स्तरों पर नगर निगम के पक्ष में फैसला आया। वक्फ बोर्ड की अपील को खारिज करने के बाद अब यह जमीन निगम की हो गई है। यह छत्तीसगढ़ में पहला मामला है, जिसमें वक्फ संपत्ति सरकारी संपत्ति घोषित की गई है।

वक्फ बोर्ड की 500 करोड़ की संपत्ति पर फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा

केंद्र सरकार द्वारा लागू वक्फ अधिनियम संशोधन के बाद छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों की व्यापक जांच शुरू हुई है। अप्रैल 2025 में केंद्र की टीम रायपुर आई थी, जिसने वक्फ संपत्तियों की स्थिति का मूल्यांकन किया। इसी दौरान सामने आया कि 500 करोड़ से अधिक की वक्फ संपत्तियों पर फर्जी रजिस्ट्री कर कब्जा किया गया है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार 400 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई है।

रायपुर से लेकर जगदलपुर तक वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा

राज्यभर में वक्फ बोर्ड के पास हजारों संपत्तियां हैं, जिनमें रायपुर में 832, बिलासपुर में 1401, दुर्ग में 125 और जगदलपुर में सैकड़ों संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से कई पर अवैध कब्जे हैं। रायपुर के मालवीय रोड, रहमानिया चौक, हलवाई लेन जैसे पॉश इलाकों में भी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जे का विवाद है। एक्सप्रेस-वे के पास 12 एकड़ और जगदलपुर के अग्रसेन चौक के पास की जमीन भी जांच के दायरे में है।

अब हर वक्फ संपत्ति पर होगी जांच और सरकारी नियंत्रण

विवादित संपत्तियों की समीक्षा और वक्फ संपत्तियों पर फर्जी कब्जों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने कलेक्टरों को आदेश जारी किए हैं। सभी जिलों में वक्फ बोर्ड की जमीनों का सीमांकन, उपयोग और रजिस्ट्री की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में संपत्ति प्रबंधन और कानून के सख्त अनुपालन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।