मुख्यमंत्री ने पैर पखारकर स्वच्छता दीदियों का किया सम्मान, स्वच्छता में प्रथम रैंक लाने वाले नगरीय निकाय को मिलेगा 1 करोड़ का पुरस्कार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ‘स्वच्छता संगम’ में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अहम योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया. बिलासपुर के बहतराई इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की.
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया. उन्होंने घोषणा की कि स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नगरीय निकाय को एक करोड़ रुपए, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 50 लाख रुपए और तीसरा स्थान पाने वाले को 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी.
इस अवसर पर विधायकगण धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया और सुशांत शुक्ला, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि ‘स्वच्छता संगम-2025’ में उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ के सफल आयोजन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में हमारी सफाई दीदियों का योगदान अतुलनीय है, और आज उनके पैर पखारकर हमने उन्हें सम्मानित किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी. तब से हम निरंतर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नई उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता पाई है. यह उपलब्धियां हमें और आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती हैं.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न नवाचार लागू किए जा रहे हैं. उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा’ लहराने और प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता का आह्वान किया.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के इतिहास का गौरवशाली दिन है. प्रधानमंत्री ने 2014 में स्वच्छता का बीड़ा उठाया और आज यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है. स्वच्छता में प्रगति करते हुए हमने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त किए हैं. हमारे नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर छह पुरस्कार प्राप्त होना गर्व की बात है.
रायपुर नगर निगम को गार्बेज-फ्री सिटी में सेवन-स्टार रेटिंग मिली है. 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहरों को थ्री-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है. सोर्स सेग्रीगेशन और अपशिष्ट प्रबंधन में भी हमारे शहरों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं. स्वच्छता के सभी मापदंडों पर छत्तीसगढ़ में तेजी से कार्य हो रहा है. हमारा उद्देश्य है कि हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनें और स्वच्छता छत्तीसगढ़ की पहचान बने.
नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में राज्य के 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है. स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है. कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया.