प्लांटेशन के लिए जमीन का सर्वे करने गए वन विभाग की टीम पर हमला, पिता-पुत्र के खिलाफ जुर्म दर्ज…
कोरबा। ग्राम आछीमार में प्लांटेशन के लिए जमीन का सर्वे करने पहुंची वन विभाग की टीम पर पिता-पुत्र ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले के दौरान डिप्टी रेंजर और महिला वनकर्मी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उन्होंने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
कोरबा रेंज के रेंजर एम शर्मा ने बताया कि बुधवार को वन विभाग की टीम आछीमार गांव में सीएफ प्लांटेशन के लिए जमीन का सर्वे कर रही थी। इसी बीच गांव में रहने वाला छोटूलाल, जिसने करीब चार एकड़ से अधिक वन भूमि पर कब्जा कर रखा है, मौके पर पहुंचा। उसे पहले भी वन विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका था, लेकिन उसने कब्जा नहीं छोड़ा। बुधवार को जब टीम सर्वे शुरू करने लगी, तो छोटूलाल ने अपने बेटे बाबूलाल के साथ मिलकर विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर दोनों ने डिप्टी रेंजर प्रमोद निर्गुण पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से टीम में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान महिला वनकर्मी उर्मिला मार्को जान बचाने के लिए मौके से भागी। आरोपियों ने उन्हें भी काफी दूर तक दौड़ाया। किसी तरह भागकर वे खुद को बचाने सकीं। हमले में डिप्टी रेंजर घायल हो गए। इधर घटना से महिला वनकर्मी सदमे में आ गईं।
घटना के बाद दोनों मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने रेंजर एम शर्मा को पूरे मामले की जानकारी दी। रेंजर ने तत्काल सिविल लाइन थाना जाकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी छोटूलाल और उसके बेटे बाबूलाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि वन भूमि पर कब्जा करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।