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सातवें आसमान पर सोने की कीमत, खरीदने का आ गया समय, या अभी और रुकें? क्या है एक्सपर्ट की राय

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नई दिल्ली. सोने की चमक और तेज हो गई है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और निवेशकों की लगातार मांग के चलते सोने के दाम एक बार फिर नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. आने वाले दिनों में त्योहार और शादी का सीजन भी शुरू हो रहा है, जिससे मांग और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या कुछ समय इंतजार करना बेहतर होगा.

प्रेशियस मेटल रिसर्च के एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, पिछले एक साल में सोना 40% से ज्यादा रिटर्न दे चुका है. वहीं, चांदी ने साल-दर-साल के आधार पर सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा, “मौजूदा रैली काफी मजबूत रही है, लेकिन अब इसमें थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है.”
निवेशकों की नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व की अगली मीटिंग और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसीज पर है. उम्मीद है कि इस महीने फेड दरों में कटौती करेगा, जिससे सोने को और सपोर्ट मिल सकता है. हालांकि, अगर अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़े मजबूत आते हैं तो सोने की कीमतों में हल्की गिरावट संभव है.

निवेशकों के लिए रणनीति

मोदी ने कहा कि जो निवेशक पहले से सोना होल्ड किए हुए हैं, वे आंशिक मुनाफा बुक कर सकते हैं और कीमत गिरने पर दोबारा एंट्री ले सकते हैं. वहीं, नए खरीदारों के लिए सलाह है कि धैर्य रखें और गिरावट का इंतजार करें. उनके अनुसार, ₹1,03,500–₹1,03,000 का स्तर सोना खरीदने के लिए अच्छा जोन है, जबकि ऊपर की तरफ टारगेट ₹1,08,000–₹1,09,000 तक जा सकता है.
घर-परिवार में त्योहार और शादी के लिए ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए समय tricky है. ज्वैलर्स का कहना है कि ऊंचे दामों पर भी डिमांड बनी हुई है. हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि अगर कीमत मौजूदा स्तर से ₹1,000–₹1,500 तक नीचे आए, तो खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहेगा.
सोने और ब्याज दरों का सीधा उल्टा रिश्ता होता है. अगर फेड दरों में कटौती करता है तो सोना और चढ़ सकता है, लेकिन अगर लेबर मार्केट मजबूत दिखा तो मुनाफावसूली से थोड़ी गिरावट संभव है. लंबे समय के नजरिए से देखें तो सोना अभी भी अपट्रेंड में है और चांदी के साथ मिलकर निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है.

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