एम्स की नर्स बनकर किडनी ट्रांसप्लांट का झांसा : महिला ने बीमार बच्चे के परिवार से १.२० लाख ठगे, आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। जिले में एक महिला ने खुद को एम्स अस्पताल की नर्स बताकर एक परिवार से १.२० लाख रुपए की ठगी की। धमधा थाना पुलिस ने आरोपी दामिनी मानिकपुरी को २४ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
ग्राम तुमाकला की असनी बाई निर्मलकर की मुलाकात दामिनी से २४ दिसंबर २०२४ को हुई। दामिनी ने असनी के १३ वर्षीय बीमार बेटे विनय की किडनी ट्रांसप्लांट कराने का वादा किया। आरोपी ने पहले १० हजार रुपए नगद लिए। फिर ७५ हजार रुपए नगद और ३० हजार रुपए फोन-पे के जरिए हासिल किए।
चेक बाउंस होने के बाद शिकायत
जब बच्चे का इलाज शुरू नहीं हुआ तो पीडि़ता ने पैसे वापस मांगे। आरोपी ने १९ जून २०२५ को एक चेक दिया, जो बाउंस हो गया। १ सितंबर को दूसरा चेक भी बाउंस हो गया। इसके बाद पीडि़ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने ५ सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। जांच में पता चला कि आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत ठगी की वारदात को अंजाम दिया।