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मरीज के प्राइवेट पार्ट में एक साथ लगाए 9 इंजेक्शन, पेट फूलने के बाद निकलने लगा खून, फिर मौत…

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बालोद: अब तक आपने झोलाछाप डॉक्टर के कई मामले सुने होंगे लेकिन छत्तीसगढ़ के बालोद ज़िले से एक झोलाछाप डॉक्टर का ऐसा कारनामा सामने आया है जिसे सुन आप चौंक जायेंगे. यहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर की करतूत से एक मरीज की मौत (Balod Fraud Doctor News) हो गयी. झोलाछाप डॉक्टर मरीज के प्राइवेट पार्ट पर एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए. जिससे उसकी जान चली गयी.

जानकारी के मुताबिक़, पूरा मामला बालोद जिले के अर्जुन्दा थाना क्षेत्र स्थित कांदुल गांव का है. मृतक की पहचान सुभाष कुमार जनबंधु (40) के रूप में हुई है. सुभाष कुमार जनबंधु मोहला मानपुर अम्बागढ़ चैकी के रहने वाले थे. मृतक बवासीर से पीड़ित था. वह पिछले 14-15 साल से पाइल्स की बीमारी से जूझ रहा था.

डॉक्टर ने प्राइवेट पार्ट में लगा दिए 9 इंजेक्शन

मृतक सुभाष कुमार जनबंधु कांदुल में रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू (54) से इलाज करवा रहा था. 8 मई 2025 को वो डॉक्टर रेखराम साहू के पास इलाज के लिए ले गया. डॉक्टर ने उससे इलाज के 8 हजार रुपए लिए. डॉक्टर रेखराम साहू ने सुभाष कुमार जनबंधु के प्राइवेट पार्ट में एक ही दिन में एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए.

9 इंजेक्शन लगाने के अगले दिन 9 मई को प्राइवेट पार्ट अचानक ज्यादा खून निकलने लगा और पेट फूलने की समस्या शुरू हो गई. परिजन ने डॉक्टर को कॉल किया लेकिन डॉक्टर ने अपना मोबाइल बंद कर दिया. इसके बाद तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल ले गए. लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण 11 मई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.

आरोपी झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार

सुभाष कुमार जनबंधु के मौत के परिजनों ने थाने में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. परिजनों की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. जांच में पता चला रेखराम साहू अवैध रूप से लोगों का इलाज कर रहा था. वह चिकित्सकीय डिग्री छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं है. जिसके बाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 के तहत केस दर्ज कर आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.