नदी पार कर बच्चों के स्कूल जाने पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर| बिलासपुर हाईकोर्ट ने बस्तर संभाग में नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चों की खबरों पर गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने सोमवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार से पुल निर्माण की अद्यतन जानकारी पेश करने को कहा।
गौरतलब है कि बीते दिनों मीडिया में प्रकाशित खबरों में बताया गया था कि बच्चे लकड़ी के लट्ठों के सहारे नदी पार कर स्कूल जा रहे हैं, इसे हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान में लिया है और कोर्ट ने जनहित याचिका दर्ज कर सरकार से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी।
मुख्य सचिव ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि, कांकेर जिले सहित 3 जिलों में पुल निर्माण के लिए संशोधित प्रस्ताव की खामियां दूर कर 20 अगस्त 2025 को केंद्र के गृहमंत्रालय को भेजा गया है। 12 सितंबर 2025 को केंद्र को याद दिलाने के लिए रिमाइंडर पत्र भेजा गया। अब प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही पुल निर्माण का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
कोर्ट का आदेश
हाई कोर्ट ने कहा कि बढ़े हुए हाई फ्लड लेवल को ध्यान में रखकर नया प्रस्ताव तैयार कर ताजा हलफनामा पेश किया जाए। राज्य सरकार को 9 दिसंबर 2025 तक सभी प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।