UPSC-PSC कोचिंग के नाम पर 18 लाख की ठगी, कौटिल्य एकेडमी का फरार डायरेक्टर गिरफ्तार…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में UPSC-PSC कोचिंग के नाम पर छात्रों से धोखाधड़ी करने वाले कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ठगी की घटना को अंजाम देने के बाद से कोचिंग बंद कर फरार था। आरोपी डायरेक्टर और उसकी पत्नी के खिलाफ सरस्वती नगर थाने में मामला दर्ज है। पुलिस ने पीड़ित छात्रों की शिकायत पर (धारा 318(4), 3(5) BNS) अपराध पंजीबद्ध किया है।
पवन व उसकी पत्नी रूबी मजूमदार ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के नाम पर 19 अभ्यर्थियों से 18,03,105 की ठगी कर कोचिंग संस्थान बंद कर दिया था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
जानिए क्या है मामला
दरअसल, ढेड़ दर्जन बच्चों ने कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ 25 नवम्बर 2024 को सरस्वती नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। छात्रों ने पुलिस को बताया था कि डायरेक्टर पवन टांडेश्वर और उनकी पत्नी रूबी मजूमदार ने यूपीएससी-पीएससी की तैयारियों के लिए कोचिंग एकेडमी शुरू की थी। लगभग ढेड़ दर्जन बच्चों ने एडमिशन के नाम पर टोटल 18 लाख रूपये जमा किये थे। लेकिन बीच में ही डायरेक्टर ने कोचिंग संस्था को शिफ्टिंग के नाम पर क्लास बंद कर दिए।
बच्चे कोचिंग खुलने का इंतेजार करते रहे। कुछ दिन बीत जाने के बाद भी जब कोचिंग संस्था शुरू नहीं हुई तो उन्होंने डायरेक्टर से संपर्क किया। पति-पत्नी ने बच्चों को कुछ दिनों तक अपनी बातों में उलझा कर रखे। इसके बाद दोनों पति-पत्नी बच्चों के नंबरों को ब्लैकलिस्ट कर फरार हो गये। बच्चे खुद को ठगा महसूस कर इसकी शिकायत 2024 को सरस्वती नगर थाने में दर्ज करवाये थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर डायरेक्टर और उसकी पत्नी की तलाश शुरू की। लगभग एक साल बाद आरोपी डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है।
बताया ये भी जा रहा है कि एकेडमी में पढ़ाने वाले फैकल्टी की सैलरी चेक में दी गई थी। जब चेक को बैंक में लगाया गया तो साइन मैच नहीं होने से चैक भी बाउंस हो गया। इस मामले में फैकल्टी ने भी अपराध दर्ज कराया था।