प्रताड़ित पुरुषों की भी सुनेगी पुलिस, दुर्ग पुलिस ने शुरू किया परिवार परामर्श केन्द्र, हर रविवार होगी सुनवाई
भिलाई। अब तक पुरुषों से प्रताड़ित महिलाओं के लिए अलग से महिला थाना बनाया गया जहां केवल महिलाओं की शिकायतों को ही सुना जाता है। समाज में पत्नी या किसी महिला से प्रताड़ित पुरुषों की भी कमी नहीं है। ऐसे प्रताड़ित पुरुषों की सुनने वाला कोई नहीं। दुर्ग पुलिस ने एक नहीं पहल करते हुए पत्नी या किसी अन्य महिला से प्रताड़ित होने वाले पुरुषों के लिए विशेष व्यवस्था की है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर परिवार परामर्श केन्द्र शुरू किया गया है।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने रविवार को महिला थाना सेक्टर-6 में पुरुष परामर्श केन्द्र की शुरूआत की। पारिवारीक परामर्श केन्द्र में पुरूष आवेदकों के किसी भी प्रकार की पारिवारीक समस्या से परेशान है उनके लिए एसएसपी अग्रवाल द्वारा परिवार को बचाने के उद्देश्य से पुरूष काउंसलरों की नियुक्ति की गई है। यहां पुरुषों की समस्या सुनी जाएगी और उसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। हर सप्ताह रविवार को प्रताड़ित पुरुषों की समस्याओं को पुलिस सुनेगी और समाधान करेगी।
पहले दिन हुई 8 आवेदकों की सुनवाई
दरअसल दुर्ग पुलिस के संज्ञान में आया कि पुरुष आवेदकों की सुनवाई नहीं होती। अक्सल महिलाओं की सुनते हैं और एक तरफा निर्णय लिया जाता है। इसे देखते हुए एसएसपी अग्रवाल द्वारा विशेष पहल की गई। परिवार परामर्श केन्द्र शुरू होने के बाद पहले दिन 8 आवेदकों की समस्या सुनी गई। नियुक्त काउंसरों के साथ एसएसपी ने स्वयं उनकी समस्या सुनी और यथा संभव उसका निराकरण भी किया।
दी गई कानूनी सलाह
दुर्ग पुलिस ने काउंसलर के रूप में सेवा निवृत्त एएसपी अशोक जोशी, रत्ना डाकलिया एवं मोनिका सिंह को नियुक्त किया। रविवार को अपनी शिकायत लेकर पहुंचे 8 आवेदकों की काउंसलिंग के बाद उन्हें कानूनी सलाह दी गई। काउंसलिंग के दौरान एएसपी पद्मश्री तंवर, डीएसपी भारती मरकाम, महिला थाना प्रभारी नीता राजपूत आदि उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्राप्त शिकायत आवेदनों पर गंभीरता से काउंसलिंग कर दोनो पक्षों को विनम्रता पूर्वक सुनकर विधिक सलाह देने के निर्देश दिये है।