राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए अधिकारियों ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए अधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बधाई दी और उन्हें अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता व संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने को कहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने मुलाकात की।
सीएम ने दी बधाई व शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई व शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है।
योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
डीओपीटी ने 17 फरवरी को छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों को आईएएस अवार्ड करने का आदेश जारी किया था। पिछले दिनों डीपीसी के बाद डीओपीटी ने यह आदेश जारी किया था। आईएएस बने अफसरों में तीर्थराज अग्रवाल, लीना कोसम, सौमिल चौबे, संदीप अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, बीरेंद्र पंचभाई, आशीष टिकरिहा शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब नायब तहसीलदार सलेक्ट होकर आईएएस बने हैं। वीरेंद्र बहादुर पंच भाई आईएएस बन गए हैं।
पंच भाई नायब तहसीलदार से प्रमोट होकर राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और इसके बाद अब आईएएस बन गए हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली दफा हुआ है कि कोई नायब तहसीलदार रैंक से आईएएस तक पहुंच हो। अविभाजित मध्यप्रदेश में अभी तक एक बार ही हुआ है, वो भी छत्तीसगढ़ के भिलाई के नायब तहसीलदार से राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट हुए अफसर को आईएएस अवार्ड हुआ था।