Google Analytics —— Meta Pixel

न कार्ड न OTP, फिर भी 20 मिनट में खाते से उड़े 2 लाख रुपए, पुलिस हैरान

cyber-crime-PPF-account-fraud

बिलासपुर| न्यायधानी में साइबर ठगों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के बैंक खाते से महज 20 मिनट के भीतर 2 लाख रुपए साफ कर दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के पास कोई क्रेडिट कार्ड नहीं है और न ही उसने किसी के साथ अपनी गोपनीय जानकारी (OTP या पिन) साझा की थी।

​अशोकनगर, खमतराई निवासी पीड़ित राजाराम साहू, जो कि आईडीएफसी मनीबॉक्स कंपनी में कार्यरत हैं, ने बताया कि 14 जनवरी को उनके एक मित्र कामता प्रसाद कश्यप ने लोन बंद करने के लिए 2 रुपए लाख नकद उन्हें सौंपे थे। राजाराम ने दोपहर में यह राशि अपने इंडसइंड बैंक (सरकंडा ब्रांच) के सेविंग अकाउंट में जमा कराई।

​पैसे जमा करने के बाद राजाराम लंच पर चले गए। करीब 20 मिनट बाद जब उन्होंने लोन खाते में राशि ट्रांसफर करने के लिए अपना अकाउंट चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके खाते से 1,98,000 रुपए किसी अज्ञात व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के नाम पर कट चुके थे और 2,000 रुपए आकाश कुमार नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए थे।

​बिना किसी कार्ड या ओटीपी के हुई इस ट्रांजेक्शन से हर कोई हैरान है। पीड़ित ने तत्काल सरकंडा थाना और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बैंक से लेनदेन का विवरण और संबंधित मोबाइल नंबरों की जानकारी मांगी है।

​इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ठग अब केवल फोन कॉल या लिंक तक सीमित नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अकाउंट हैकिंग या मैलवेयर के जरिए भी हो सकता है, जहां बिना यूजर की अनुमति के सिस्टम एक्सेस कर लिया जाता है।

साइबर ठग इन तरीकों से आपको फंसा सकते हैं:

-पीएम किसान या आवास योजना के नाम पर ठगी।

-डेबिट/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने या रिन्यू करने के बहाने जानकारी मांगना।

-ट्रैफिक पुलिस के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल हैक करना।

-अनजान लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है।

-यदि आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

रीसेंट पोस्ट्स