टेट विरोधी आंदोलन: शिक्षक दिल्ली में करेंगे महाप्रदर्शन, रामलीला मैदान में जुटेंगे बड़ी संख्या में, छत्तीसगढ़ से हजारों शिक्षक शामिल होंगे

dharna

 

रायपुर। टेट के विरोध में दिल्ली के रामलीला मैदान में छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षक कूच करेंगे। चार अप्रैल को देश भर के शिक्षकों के द्वारा राष्ट्रीय प्रदर्शन किया जाएगा। इसकों लेकर 21 मार्च से ही तैयारियां शुरू कर दी जाएगी। रायपुर में 15 मार्च को हुई प्रांतीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।

रायपुर में 15 मार्च को छत्तीसगढ़ के विभिन्न शैक्षिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक राजपत्रित अधिकारी कार्यालय भवन में सम्पन्न हुई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ सहित प्रदेश के अनेक शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता बनाते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तय करना रहा। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, दिल्ली के आह्वान पर 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जंगी प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले और विकासखंड से टेट प्रभावित शिक्षक बड़ी संख्या में भाग लेंगे। इस प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षकों की लंबित मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा।

इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि दिल्ली में आंदोलन के बाद छत्तीसगढ़ में भी अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में एक व्यापक और प्रभावी आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन के लिए प्रदेश स्तर से लेकर जिला और विकासखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी तैयार की गई। इसके तहत 21 मार्च 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें सभी संबंधित संघों के जिलाध्यक्ष और जिला संयोजक शामिल होंगे। इन बैठकों में जिला संचालन समितियों का गठन भी किया जाएगा, जो आगे की गतिविधियों का संचालन करेंगी।

इसी क्रम में 24 मार्च 2026 को सभी विकासखंड मुख्यालयों में विकासखंड स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आंदोलनों की तैयारी को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिला संयोजकों को इन बैठकों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि हर स्तर पर संगठनात्मक मजबूती सुनिश्चित की जा सके। प्रांतीय बैठक के निर्णयों के अनुरूप सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित तिथियों पर अनिवार्य रूप से ऑफलाइन बैठक आयोजित कर प्रांतीय निर्णयों की जानकारी सभी शिक्षकों तक पहुंचाएं। संगठन ने सभी प्रांतीय, संभागीय, जिला और विकासखंड पदाधिकारियों से सक्रियता के साथ कार्य करने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जो पदाधिकारी संगठनात्मक कार्यों में सक्रियता नहीं दिखा पा रहे हैं, वे शीघ्र ही प्रांतीय कोर कमेटी को लिखित रूप से अवगत कराएं, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

प्रांताध्यक्ष का उद्बोधन: इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह समय शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक रूप देने का है। उन्होंने सभी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि “जब तक हम संगठित नहीं होंगे, तब तक हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में होने वाला महाआंदोलन शिक्षकों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने का बड़ा अवसर है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक शिक्षकों को जोड़ें और आंदोलन को सफल बनाएं उल्लेखनीय है 17 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ की एक प्रांतीय वर्चुअल बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें विकासखंड अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, संभागाध्यक्ष एवं समस्त प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।

इस प्रकार रायपुर में सम्पन्न यह प्रांतीय बैठक शिक्षकों के हित में एकजुटता और संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रीसेंट पोस्ट्स