अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार

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भिलाई। दुर्ग पुलिस ने अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड किया है। दुर्ग पुलिस ने सटीक सूचना एवं रणनीतिक कार्रवाई से नागपुर में संचालित ऑनलाइन सट्टा सेंटर पर छापा मारकर मास्टर माइंड सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उत्तरप्रदेश एवं बिहार के युवकों को संगठित कर करोड़ों का अवैध सट्टा कारोबार चलाया जा रहा था। पुलिस ने 26 मोबाइल, 03 लैपटॉप, 02 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 पास बुक एवं 45 सिम कार्ड सहित मारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं दस्तावेज बरामद किया गया है। प्रतिमाह लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का पता चला है जिसकी पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।

दुर्ग पुलिस द्वारा अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना छावनी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त मिली कि सुभाष चौक कैंप 2 निवासी निशांत कुमार गुप्ता पिता राजेश गुप्ता (29) लंबे समय से विभिन्न राज्यों में छिपकर ऑनलाइन सट्टा संचालन का कार्य कर रहा है तथा वर्तमान में अपने निवास स्थान से भी ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग गतिविधियों का संचालन कर रहा है। सूचना पर थाना छावनी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध निशांत कुमार गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

उसके मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों की प्रारंभिक जांच में सूचना सही पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह “C-B. Cricket Buzz Betting App” एवं “RubyBet” नामक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित करता है तथा पुलिस से बचने के उद्देश्य से अपने सहयोगियों को महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में किराये का मकान लेकर वहां से ऑनलाइन सट्टा संचालन करवाता है प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर थाना छावनी में दिनांक 04/06/26 को अपराध क्रमांक 371/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम द्वारा नागपुर स्थित किराये के मकान में दबिश दी गई। मौके पर ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए कुल 08 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट संचालन, आईडी प्रबंधन एवं अन्य तकनीकी कार्य करते थे। जिसके बदले उन्हें प्रतिमाह लगभग 20,000 से 25,000 वेतन तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि युवकों को लालच देकर संगठित रूप से ऑनलाइन सट्टा संचालन में लगाया गया था।