सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! 47 हजार तक गिर सकते हैं दाम, बैंक ने जारी किया अलर्ट

Gold Rate : सोने की कीमत को लेकर बाजार में चिंता बढ़ गई है। बैंक ऑफ अमेरिका के रणनीतिकारों ने अपनी नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि आने वाले महीनों में सोने में बड़ी गिरावट की संभावना है।
17 जुलाई को एमसीएक्स (MCX – Multi Commodity Exchange) पर सोने की कीमत में हल्की तेजी दिखी। 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 658 रुपए चढ़कर 1,41,006 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी भी थोड़ी मजबूत हुई। 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी 2,16,449 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई।
घरेलू बाजार में भले ही तेजी दिखी हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंक की चेतावनी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
डेथ क्रॉस एक तकनीकी संकेत है। जब किसी संपत्ति का 50 दिन का औसत भाव 200 दिन के औसत भाव से नीचे चला जाता है, तो इसे डेथ क्रॉस कहते हैं। चार्ट देखने वाले निवेशक इसे कमजोरी का संकेत मानते हैं। इससे यह डर बढ़ता है कि तेजी थम सकती है और गिरावट लंबी चल सकती है।
बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक, अभी तक गिरावट को सिर्फ 24 हफ्ते हुए हैं। इससे पहले सोना लगातार 121 हफ्ते तक चढ़ा था। बैंक का तर्क है कि इतनी लंबी तेजी के बाद कुछ महीनों की कमजोरी को अंतिम मोड़ नहीं माना जा सकता।
रिपोर्ट में दो और बड़े संकेतों का जिक्र है। पहला, सोने के चार्ट पर डेथ क्रॉस बना है। दूसरा, आरएसआई (RSI – Relative Strength Index) 90 के स्तर तक पहुंच गया है। आम तौर पर आरएसआई का 70 से ऊपर जाना ही बहुत तेजी का संकेत माना जाता है। बैंक का कहना है कि 90 जैसा स्तर बहुत कम बार दिखता है। ऐसा आखिरी बार 1980 और 2011 में देखा गया था।
बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि 1980 और 2011 में भी सोने ने पहले रिकॉर्ड ऊंचाई बनाई थी। इसके बाद कई साल तक गिरावट चली थी। इसी आधार पर बैंक ने कहा है कि इतिहास फिर दोहराया जा सकता है।
बैंक ऑफ अमेरिका का अनुमान चौंकाने वाला है। अगर 2026 का ऊंचा स्तर भी 1980 और 2011 जैसा शिखर साबित होता है, तो सोने में बड़ी गिरावट आ सकती है। बैंक के मुताबिक, पिछले उछाल का करीब 50 प्रतिशत तक सुधार संभव है।
रिपोर्ट में तीन संभावित स्तर बताए गए हैं। सोना पहले 3,702 डॉलर तक फिसल सकता है। फिर 3,605 डॉलर और उसके बाद 3,315 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। यह गिरावट धीरे-धीरे भी हो सकती है। वर्तमान में प्रति औंस सोना 4040 डॉलर चल रही है।
इस बात को भारतीय संदर्भ में समझें तो आज 4040 डॉलर प्रति औंस में 28 ग्राम सोना आएगा। भारत के सर्राफा बाजार के अनुसार प्रति तौला या दस ग्राम सोने की कीमत अभी 1 लाख 43 हजार के आसपास चल रही है। इसमें 45 से 47 हजार तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। जानकार इसे बड़ी गिरावट के तौर पर देख रहे है।
रिपोर्ट में 2011 के उदाहरण का हवाला दिया गया है। उस समय पहले थोड़ी रिकवरी आई थी। इससे कई लोगों को लगा कि गिरावट खत्म हो गई है। लेकिन उसके बाद सोना कई साल तक नीचे जाता रहा।
इसी वजह से बैंक ने सतर्क रहने की सलाह दी है। बैंक का कहना है कि घबराकर जल्दी फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है। निवेशकों को समझदारी से कदम उठाने की जरूरत है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह रिपोर्ट अंतिम सच नहीं है। यह सिर्फ बैंक ऑफ अमेरिका का तकनीकी आकलन है। सोने की कीमत केवल चार्ट से तय नहीं होती।
ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की चाल और महंगाई का भी असर पड़ता है। इसके अलावा युद्ध, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक हालात भी दिशा बदल सकते हैं। इसलिए एक रिपोर्ट के आधार पर पूरी तस्वीर तय नहीं की जा सकती।
फिलहाल, बैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी ने सोने के बाजार पर ध्यान बढ़ा दिया है। डेथ क्रॉस, ऊंचा आरएसआई और पुराने वर्षों से तुलना जैसे संकेत निवेशकों के लिए अहम हैं। ऐसे में सोने में खरीद या बिक्री का फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए। पूरी समझ के साथ ही कोई कदम उठाना बेहतर रहेगा।