मनरेगा-आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 10 लाख से अधिक की गड़बड़ी; दो आरोपी गिरफ्तार

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बलरामपुर| जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच के बाद पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो और ग्राम रोजगार सहायक संजय दास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

जनपद पंचायत शंकरगढ़ के सीईओ वेदप्रकाश पांडे के अनुसार, आरोपियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों के मकानों का फर्जी जियो टैग कर राशि उनके खातों में डलवाई और बाद में अंगूठा लगवाकर रकम का गबन किया।

इसके साथ ही मनरेगा में फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मजदूरी भुगतान में भी गड़बड़ी की गई। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत हरिगवां में 26 आवास पूर्ण और 47 निर्माणाधीन हैं, लेकिन कई अपूर्ण मकानों को पूर्ण दर्शाकर भुगतान लिया गया। इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के 7 हितग्राहियों के 9 लाख 5 हजार रुपये तथा मनरेगा के 1 लाख 881 रुपये, कुल 10 लाख 5 हजार 881 रुपये का गबन किया गया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक ही व्यक्ति को अलग-अलग नामों से आवास स्वीकृत कर राशि निकाली गई, वहीं अधूरे और शुरू ही नहीं हुए मकानों पर भी भुगतान किया गया। हितग्राहियों से ओटीपी और अंगूठा लगवाकर पैसे निकालने के मामले भी उजागर हुए हैं।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा है कि शासन की योजनाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि वास्तविक हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

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