IAS अधिकारी रजत बंसल छत्तीसगढ़ के नए जनसंपर्क आयुक्त: जानिए उनका जीवन परिचय ….
रायपुर। 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रजत बंसल छत्तीसगढ़ के नए जनसंपर्क आयुक्त बनाए गए हैं। वे संवाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी होंगे। रजत बंसल के अभी माईनिंग कारपोरेशन के एमडी के साथ इसके विशेष सचिव थे, उनका यह दायित्व बरकरारा रहेगा। याने अतिरिक्त प्रभार के तौर पर उनके पास माईनिंग रहेगा। माईनिंग मुख्यमंत्री का विभाग है और जनसंपर्क भी।
रजत बंसल छत्तीसगढ़ कैडर के 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे हरियाणा के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी की है। अपने पहले प्रयास में आईपीएस बने फिर दूसरे प्रयास में आईएएस।
जन्म और शिक्षा
छत्तीसगढ़ कैडर के 2012 बैच के आईएएस रजत बंसल हरियाणा के रहने वाले है। उनके पिता भारतीय वन सेवा के अधिकारी थे। वे यूपी कैडर के आईएफएस अधिकारी रहे इसलिए रजत की शुरूआती स्कूली शिक्षा यूपी में हुई। रजत बंसल का जन्म 25 जुलाई 1988 को हुआ है। उनकी स्कूली शिक्षा लॉ मार्टिनियर स्कूल लखनऊ व डीपीएस स्कूल आरके पुरम दिल्ली से हुई है। दसवीं में रजत बंसल ने स्कूल में टॉप किया था। बीट्स प्लानी से कंप्यूटर साइंस ब्रांच से इंजीनियरिंग किया। पढ़ाई के दौरान फ्रांस में एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए। जिसमे उन्हें स्कॉलरशिप मिली।
2009 से अप्रेल 2011 तक इंफोसिस कंपनी पुणे में जूनियर रिसर्च एसोसिएट के तौर पर कार्यरत रहें। इस दौरान यूपीएससी की तैयारी भी करते रहे। हफ्ते में दो दिन नौकरी करते हुए रजत बंसल कोचिंग करते थे। पहले प्रयास में 168 रैंक लाकर यूपीएससी क्रैक करते हुए उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ। रजत बंसल को पश्चिम बंगाल कैडर मिला। 9 माह तक रजत बंसल ने आईपीएस की ट्रेनिंग की। दूसरे प्रयास में रजत बंसल का रैंक 85 वां आया और वे आईएएस के लिए चुने गए।
रजत बंसल ने 3 सितंबर 2012 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। रजत बंसल की फील्ड ट्रेनिंग के लिए पहली पोस्टिंग सहायक कलेक्टर के रूप में रायगढ़ जिले में मिली। अगस्त 2014 में राजनांदगांव के एसडीएम बने। राजनांदगांव के सीईओ जिला पंचायत बने। फिर सूरजपुर जिले में जिला पंचायत सीईओ बने। रायपुर नगर निगम के कमिश्नर रहें।
रजत बंसल धमतरी, बस्तर व बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टर रहें। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के आयुक्त रहें। वर्तमान में वे डायरेक्टर माईनिंग, एमडी माईनिंग कारपोरेशन और स्पेशल सिकरेट्री गुड गवर्नेंस हैं। मगर अब उन्हें जनसंपर्क आयुक्त के साथ विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय बनाया गया है। माईनिंग के उनके दोनों प्रभार यथावत रहेंगे। सिर्फ स्पेशल सिकरेट्री गुड गवर्नेंस हटेगा।