हीटवेव के बीच जनगणना ड्यूटी पर आपत्ति: छुट्टियों में काम से नाराज शिक्षक, नेताओं ने उठाई आवाज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी पड़ रही है। हीट वेव की चेतावनी के बीच पारा 43 डिग्री को पार कर गया है। शिक्षकों की ग्रीष्मकालीन अवकाश लग गया है। अवकाश का समय और भीषण गर्मी के मौजूदा दौर में जनगणना कार्य में ड्यूटी लगाने से शिक्षकों की नाराजगी बढ़ने लगी है। शिक्षक नेताओं का सुर भी इसी अंदाज में बदलने लगा है। शिक्षक नेताओं का साफ कहना है, शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य में नहीं लगाया जाना चाहिए। शिक्षक नेताओं का साफ कहना है, जून से जनगणना कार्य प्रारंभ कराया जाना चाहिए।
1 मई से शुरू होने जा रही जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। गर्मी की छुट्टियों का दौर के अलावा छत्तीसगढ़ में वर्तमान में भीषण गर्मी पड़ रही है, हीट वेव के बीच ड्यूटी लगाने से शिक्षकों और शिक्षक संगठन के नेताओं का गुस्सा फूटने लगा है। शिक्षक नेताओं का दोटूक कहना है, इस तरह की ड्यूटी पूरी तरह अव्यवहारिक है। गैर शिक्षकीय कार्य में शिक्षकों का ड्यूटी लगाया जाना किसी भी नजरिए से उचित नहीं है।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि मई-जून में भीषण गर्मी पड़ती है, ऐसे में घर-घर जाकर सर्वे करना बेहद कठिन होगा। एक तरफ छुट्टियों में स्कूल बंद रहते हैं, वहीं दूसरी ओर इसी समय उन्हें फील्ड में काम करने के लिए भेजा जा रहा है। सरकारी की मंशा साफ समझ में आ रही है। हमारी छुट्टियों के दिनों में शिक्षकों से बेगारी कराना कहां का न्याय है और कहां तक उचित है।
छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे का कहना है, मौसम की परिस्थितियों को नजरअंदाज कर यह निर्णय लिया गया है। भीषण गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहकर डोर-टू-डोर सर्वे करना न सिर्फ मुश्किल है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम भरा है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना ड्यूटी के समय और प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है, स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की शुरुआत हो गई है। शिक्षक पूरे साल भर शिक्षकीय कार्य में लगे रहते हैं। शिक्षकों के अवकाश के बीच जनगणना में ड्यूटी लगाना पूरी तरह अव्यवहारिक है। मई जून में भीषण गर्मी पड़ती है, इस बीच घर-घर जाकर सर्वे करना जान को जोखिम में डालने वाला काम रहेगा। संजय शर्मा का कहना है, जून के महीने में जनगणना कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए।
स्मार्ट फोन को लेकर भी शिक्षकों को शिकायत है, शासन के निर्देश के मुताबिक, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड मोबाइल में कम से कम 12.0 वर्जन का सॉफ्टवेयर होना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में जिन कर्मचारियों के पास पुराने मोबाइल हैं, उन्हें अब नया स्मार्टफोन लेना होगा।
छत्तीसगढ़ में एक मई से शुरु होगी जनगणना
छत्तीसगढ़ में जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर परिवार, मकान और बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। कर्मचारी तय समय में घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
जनगणना के इस चरण में मकान की स्थिति, उपयोग (रहवासी या व्यवसायिक), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा-पक्का), परिवारों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट, टीवी-रेडियो जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी।