पुनर्वास की सरकारी जमीन पर तान दिया रिसॉर्ट, कमोदा बिहार में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
सरगुजा। कमोदा बिहार रिसार्ट से लगी, बेशकीमती सरकारी जमीन पर रिसॉर्ट के संचालक ने कब्जा कर शेड और बाउंड्री का निर्माण कराया था। राजस्व विभाग की टीम ने जब सीमांकन किया तब, 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा पाया गया। शनिवार को प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए संचालकों ने दो दिन की मोहलत मांगी थी। हंगामे के बाद टीम लौट गई थी। दो दिन सोमवार को सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए प्रशासनिक अफसरों की टीम पुलिस बल के साथ पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में निर्माण पर बुलडोजर चलाकर 45 डिसमिल बेशकीमती सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया है।
प्रशासन और पुलिस की टीम सोमवार सुबह 5.30 बजे मौके पर पहुंच गई थी। एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया, शनिवार को सरकारी जमीन की मार्किंग पूरी कर ली गई थी। संचालकों ने कब्जा हटाने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी थी। समय देने के बाद भी जब कब्जा नहीं हटाया तब प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने अभियान चलाया।
एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया, उक्त सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला अंबिकापुर तहसीलदार न्यायालय में चला। जांच में अतिक्रमण सही पाया गया। इसके बाद धारा 248 के तहत रिसॉर्ट संचालक को बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। दो दिन पहले, कब्जा हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। शनिवार को मार्किंग की कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण कार्रवाई रोकी गई थी। मार्किंग पूरी हो जाने के बाद आज कार्रवाई पूरी की गई। एसडीएम ने कहा, सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए उक्त जमीन पर आंगनबाड़ी सहित दूसरे सरकारी उपयोग के लिए जमीन को आबंटित की जाएगी।
कमोदा रिसॉर्ट को पुनर्वास पर बनाने की शिकायत मिली है। एक भू-स्वामी दीपक राय ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने की शिकायत कलेक्टर सरगुजा से की है। शिकायत के बाद मामले की जांच की जा रही है। जांच में रिसार्ट और उसका लान सहित अधिकांश हिस्सा रजिस्ट्री की जमीन पर संचालित पाई गई है।