शराब घोटाला केस: रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा को मिली जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के साथ रखीं कई शर्तें

anil tuteja

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर दिल्ली से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, रिटायर्ड आईएएस (IAS) अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। वे पिछले दो साल से जेल में बंद थे।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि टुटेजा को और ज्यादा दिन जेल में रखना ठीक नहीं है। लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत देने के साथ ही कुछ ऐसी शर्तें लगा दी हैं, जिससे वे चाहकर भी छत्तीसगढ़ नहीं आ पाएंगे। रायपुर के प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि अनिल टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से लगातार न्यायिक हिरासत में हैं। इस केस के बाकी जितने भी सह-आरोपी थे, वे पहले ही जमानत पाकर बाहर घूम रहे हैं।

अदालत ने एक जरूरी बात यह भी कही कि इस मामले में अभी करीब 85 गवाहों से पूछताछ होनी बाकी है। अब इतने लोगों से पूछताछ में लंबा समय लगना तय है। कोर्ट का कहना था कि आरोप भले ही कितने भी गंभीर हों, लेकिन उनकी सच्चाई का फैसला तो ट्रायल पूरा होने के बाद ही होगा। तब तक किसी को जेल में बंद नहीं रखा जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने टुटेजा को जमानत तो दे दी, लेकिन उन पर कड़े पहरे भी बिठा दिए हैं। कोर्ट के नए आदेश के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद अनिल टुटेजा छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के अंदर कदम नहीं रख सकेंगे। उन्हें राज्य से बाहर ही रहना होगा।

  • वे छत्तीसगढ़ के किसी भी मौजूदा या सेवारत सरकारी अधिकारी से कोई संपर्क नहीं करेंगे।
  • केस से जुड़े किसी भी गवाह को डराने, धमकाने या प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
  • कोर्ट की इजाजत के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दावों के मुताबिक, यह पूरा खेल साल 2019 से 2022 के बीच खेला गया, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी का अनुमान है कि इस सिंडिकेट ने करीब 3,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इससे छत्तीसगढ़ के सरकारी खजाने को भारी चपत लगी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, रायपुर और अन्य शहरों में एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था। इसमें बड़े नौकरशाह, रसूखदार नेता और शराब कारोबारी शामिल थे। ईओडब्ल्यू (EOW) और एसीबी (ACB) की चार्जशीट में तो घोटाले की रकम 2,883 करोड़ रुपए बताई गई है।

इस मामले में अब तक कई बड़े चेहरों पर गाज गिर चुकी है। ईडी ने आबकारी विभाग के बड़े अफसरों, तत्कालीन आबकारी मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के करीबियों समेत करीब 9 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा था। अब टुटेजा के बाहर आने के बाद इस केस में नया मोड़ आ सकता है।

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