चाकू दिखाकर 10 लाख की लूट का खुलासा, कंपनी कर्मचारी ने ही रची थी साजिश; पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
रायपुर| मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन कारोबारी के अकाउंटेंट से 10 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड कंपनी का ही एक कर्मचारी था, जिसने मजदूरों के भुगतान के लिए भेजी जा रही नकदी की जानकारी अपने रिश्तेदार और उसके साथी को देकर पूरी लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 9.70 लाख रुपये बरामद किए हैं, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, कंस्ट्रक्शन कारोबारी कैलाशनाथ अग्रवाल के अकाउंटेंट विद्यासागर डहरिया 10 लाख रुपये लेकर नया रायपुर की ओर जा रहे थे। सेरीखेड़ी के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर चाकू दिखाया और नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में पता चला कि कंपनी में कार्यरत दिनेश राव को दोपहर में ही जानकारी मिल गई थी कि मजदूरों के भुगतान के लिए बड़ी रकम भेजी जा रही है। उसे रकम ले जाने वाले व्यक्ति, समय और रूट की पूरी जानकारी थी।
इसी का फायदा उठाते हुए उसने अपने रिश्तेदार और उसके दोस्त को योजना में शामिल किया। दोनों आरोपी पहले से ही कंपनी कार्यालय के आसपास मौजूद थे। अकाउंटेंट के ऑफिस से निकलते ही उन्होंने पीछा करना शुरू कर दिया। करीब 10 किलोमीटर तक निगरानी के बाद सेरीखेड़ी-नया रायपुर मार्ग पर एक पुल के पास बाइक रुकवाकर चाकू की नोक पर नकदी से भरा बैग लूट लिया। घटना के बाद पुलिस ने समता कॉलोनी से लेकर सेरीखेड़ी तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों की गतिविधियों के विश्लेषण के दौरान जांच की दिशा कंपनी के कर्मचारियों की ओर मुड़ी। पूछताछ में दिनेश राव ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी नया रायपुर स्थित एक पोहा सेंटर में मिले थे। यहां लूटी गई रकम के बंटवारे और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी। आरोपियों की योजना कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद पैसे बांटने की थी, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही मुख्य आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस ने दिनेश राव के कब्जे से 9.70 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। मामले में शामिल उसके रिश्तेदार और एक अन्य साथी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लूट की वारदात में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग सीसीटीवी फुटेज साबित हुआ। अंदरूनी जानकारी के आधार पर की गई साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस अब कंपनी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।