मानसून ने दी जोरदार दस्तक: कई जिलों में तेज आंधी-बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Weather Update : छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज यानी 23 जून को प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ भी चल सकता है। तापमान की बात करें तो दिन का पारा 39°C से 41°C और रात का तापमान 27°C के आसपास रहेगा।
राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर दोनों ही बड़े शहरों में आज दोपहर या शाम के बाद अचानक मौसम करवट ले सकता है। दोनों ही संभागों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या आंधी-तूफान आने की आशंका है। मानसून के चलते सुबह से ही दोनों शहरों में भारी उमस रहेगी और आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में आज अधिकतम तापमान 35°C रहेगा, जबकि रात में बारिश के चांस 80% तक हैं। वहीं बिलासपुर में पारा 36°C के आसपास रहेगा और शाम को आंधी-पानी की 50 से 65% संभावना है। अगले 4-5 दिनों तक यहां ऐसा ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
मानसून छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर के रास्ते दाखिल हो चुका है। बस्तर के जिलों में झमाझम बारिश का दौर भी शुरू हो गया है, जिससे वहां का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है। दूसरी तरफ, उत्तरी छत्तीसगढ़ यानी सरगुजा संभाग में एक चक्रवाती सिस्टम (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) एक्टिव है। इसकी वजह से हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले 4-5 दिनों में मानसून सरगुजा संभाग तक भी पहुंच जाएगा, जिसके बाद उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने लगेगी।
मौसम विभाग (IMD) ने तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने (वज्रपात) को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम खराब होने पर किसी भी हादसे से बचने के लिए इन छोटी-छोटी मगर जरूरी बातों का खास ख्याल रखें:
• बिजली कड़कने पर तुरंत किसी पक्के मकान या बंद गाड़ी के अंदर चले जाएं।
• ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और लोहे के ढांचों के नीचे कभी न खड़े हों।
• मौसम बिगड़ने पर घर के अंदर टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर के प्लग सॉकेट से निकाल दें।
• खुले मैदान में न रुके तुरंत सुरक्षित जगह भागें। जगह न मिले तो कानों पर हाथ रखकर घुटनों के बल बैठ जाएं।
• आंधी में होर्डिंग्स या पेड़ों के पास गाड़ी न रोकें। पहली बारिश में सड़क फिसलती है, इसलिए स्पीड कम रखें।
• बस्तर-सरगुजा के पहाड़ी रास्तों में पानी से भरे पुल-रपटों को पार करने का जोखिम न लें।
• मवेशियों को खुले खेत या पेड़ से बांधने के बजाय पक्के शेड या बाड़े में रखें।
• मानसून की शुरुआत में गंदा पानी पीने से बचें, हमेशा पानी उबालकर या छानकर पीएं।
• पावर कट की आशंका को देखते हुए घर में टॉर्च, माचिस और जरूरी दवाइयां पहले से संभालकर रखें।