ससुर की हत्या में बहू की कथित भूमिका, तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को दिया अंजाम

JASHPUR-NEWS

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। जिस बहू पर बुजुर्ग ससुर की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई की, हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को लूट का रूप देने की भी कोशिश की गई, लेकिन वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

मामला जशपुर जिले के दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम बोड़ाछापर का है। 4 जुलाई की सुबह 70 वर्षीय चुगरू प्रधान का शव उनके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। घटनास्थल को सील कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का शक घर के भीतर मौजूद लोगों पर गया। पुलिस के अनुसार मृतक और उनकी बहू सुगंती बेसरा के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई।

पुलिस के मुताबिक, सुगंती बेसरा ने अपने तीन परिचित युवकों—साहिल खान, आनंद यादव और रोहित सिंह—को घर बुलाया। 3 और 4 जुलाई की दरमियानी रात चारों आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे और दरवाजा खुलवाने के बाद बुजुर्ग पर लकड़ी के डंडों, लात-घूंसों और मुक्कों से हमला कर दिया।

हमले के दौरान आरोपियों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि वह किसी से मदद न मांग सकें। इसके बाद बेरहमी से पिटाई कर उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।

वारदात को अज्ञात बदमाशों द्वारा लूट के दौरान हत्या का मामला दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन, मुखबिरों से मिली सूचना और लगातार पूछताछ के आधार पर महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला का पति पिछले करीब 15 दिनों से जशपुर जिला जेल में बंद है। इसी दौरान महिला अपने तीन परिचित युवकों के संपर्क में थी। पुलिस का कहना है कि इन्हीं तीनों के साथ मिलकर उसने हत्या की पूरी योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पाटनवार के अनुसार, वैज्ञानिक विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस टीम की समन्वित कार्रवाई के चलते इस अंधे कत्ल का खुलासा रिकॉर्ड 24 घंटे के भीतर संभव हो सका।

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