छत्तीसगढ़ के लिए IMD की चेतावनी: अगले 48 घंटे भारी बारिश, तेज हवाओं के साथ बिगड़ेगा मौसम

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Weather Update : छत्तीसगढ़ के लोग पिछले कई दिनों से जिस चिपचिपी गर्मी और उमस से परेशान थे, उससे अब राहत मिलने का समय आ गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन यानी 15 और 16 जुलाई को राज्य में मानसून एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन कुछ इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। साथ ही, आकाशीय बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अगर राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाकों की बात करें, तो बुधवार 15 जुलाई को सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। इससे लोगों को चिलचिलाती धूप से तो राहत मिल जाएगी, लेकिन असली खेल शाम को शुरू होगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि शाम होते-होते गरज-चमक के साथ शहर में अच्छी बौछारें पड़ सकती हैं। तापमान की बात करें तो आज रायपुर का पारा अधिकतम 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।

बताया जा रहा है कि गुरुवार, 16 जुलाई को मानसून का असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के ताजा रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को मानसूनी हवाएं और ज्यादा एक्टिव रहेंगी, जिससे कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर चलेगा। हालांकि, ग्रामीण और मैदानी इलाकों के लिए एक चिंता की बात भी है। इस दौरान कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने (गाज गिरने) का बड़ा रिस्क है, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानों और मवेशियों को खास सावधान रहने की जरूरत है।

इस बार मौसम विभाग ने बारिश से ज्यादा चिंता हवा की रफ्तार को लेकर जताई है। महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की आशंका है। इसके अलावा बस्तर, दुर्ग, सरगुजा और बलरामपुर सहित बाकी जिलों में भी 30 से 40 किमी की स्पीड से हवाएं चलेंगी और बिजली चमकेगी। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि जब मौसम खराब हो, तो गलती से भी खुले मैदानों, तालाबों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों।

अगर पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ के ज्यादातर इलाकों में सूखा ही रहा और लोग उमस से बेहाल दिखे। इस साल अब तक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ को काफी निराश किया है, जिसके चलते राज्य में कोटे की सामान्य बारिश से करीब 29 फीसदी कम पानी बरसा है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा गर्मी बिलासपुर में (35.6 डिग्री) रही, जबकि सबसे कम तापमान पेंड्रा रोड और राजनांदगांव में (25 डिग्री) रिकॉर्ड हुआ। इस उमस और सूखे के बीच अगले दो दिनों की बारिश छत्तीसगढ़ के किसानों और आम जनता के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी।

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