धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान, फर्जी ट्रांसपोर्ट ठेके के मामले में होगी कानूनी कार्रवाई

rajesh chauhan

रायपुर। भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिन बॉलर राजेश चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के निर्देश जारी हुए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ऐश्वर्या दीवान की कोर्ट ने बीएनएस की धारा 175(3) के तहत आवेदन स्वीकार करते हुए पुलिस को जांच कर अंतिम प्रतिवेदन कोर्ट में पेश करने को कहा है।

आवेदक दिनकर विश्वमित्र ने कोर्ट में आरोप लगाया कि राजेश चौहान से उनकी पहचान दोस्त सरोज कुमार के जरिए हुई थी। राजेश चौहान ने खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बताकर कहा कि उनकी गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी को उड़ीसा के जिंदल इस्पात लिमिटेड में आयरन व अन्य सामग्री के परिवहन का ठेका मिला है।

आरोप है कि भारी मुनाफे का लालच देकर राजेश ने दिनकर को ट्रक लगाने और साझेदारी का प्रस्ताव दिया। विश्वास दिलाने के लिए वर्क आर्डर और अन्य दस्तावेज भी दिखाए।

अधिवक्ता सौरभ चौबे के मुताबिक दिनकर और राजेश के बीच 30 जुलाई 2021 को इकरारनामा हुआ था, दिनकर ने पहले 2.51 लाख रुपए का भुगतान किया इसके बाद गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी के खाते में दो किस्तों में कुल 15 लाख रुपए हैं ट्रांसफर किए गए, व्यावसायिक लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी कर अवैध रूप से धन अर्जित किए जाने के पर्याप्त आधार मौजूद है, न्यायालय ने पुलिस को भी विवेचना कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने माना कि “व्यावसायिक लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी कर अवैध रूप से धन अर्जित किए जाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।” न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को निर्देश दिए कि मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना की जाए और जांच पूरी कर अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।