छत्तीसगढ़ की IFS सातोविशा समाजदार बनीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की डायरेक्टर, मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ कैडर की भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी सातोविशा समाजदार को केंद्र सरकार ने बड़ा दायित्व सौंपा है। वर्ष 2010 बैच की आईएफएस अधिकारी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 22 जुलाई 2026 को इसका आदेश जारी कर दिया। यह नियुक्ति केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर की गई है। इससे छत्तीसगढ़ कैडर की एक और अधिकारी राष्ट्रीय स्तर की अहम संस्था में पहुंच गई हैं।
केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक सातोविशा समाजदार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में डायरेक्टर बनाया गया है। यह आयोग गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और देश में मानवाधिकारों की निगरानी करने वाली सबसे अहम संवैधानिक संस्थाओं में शामिल है। उनकी नियुक्ति पर सक्षम प्राधिकारी ने मंजूरी दी है। अब वे आयोग के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी।
DoPT के आदेश में साफ किया गया है कि आईएफएस सातोविशा समाजदार की नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने वाली ऐसी नियुक्तियों को अधिकारियों के करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर की नीतियों और संस्थागत कार्यप्रणाली में काम करने का अवसर मिलता है।
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सातोविशा समाजदार छत्तीसगढ़ कैडर की अनुभवी आईएफएस अधिकारी हैं। वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक कार्यों में उनका लंबा अनुभव रहा है। सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसी प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर केंद्र सरकार ने उन्हें एनएचआरसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में जिम्मेदारी सौंपी है। इसे उनके कार्यों पर केंद्र के भरोसे के रूप में भी देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग देशभर में मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का काम करता है। आयोग नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई, जांच और सरकारों को सुझाव देने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। ऐसे संस्थान में डायरेक्टर का पद प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। आयोग की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने में इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
सातोविशा समाजदार की नियुक्ति को छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और वन विभाग के लिए भी उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राज्य कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति न केवल उनके अनुभव का दायरा बढ़ाती है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व भी मजबूत करती है। यही वजह है कि उनके चयन के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। अधिकारियों का मानना है कि यह नियुक्ति राज्य के लिए सम्मान और युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणा दोनों है।