Weather Update: प्रदेश में अगले 5 दिन मेहरबान रहेगा मानसून, सरगुजा-बस्तर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर| छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में आज मौसम के तेवर बदले-बदले नजर आने वाले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर जिलों में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा रह सकता है। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिल सकती है। खास तौर पर मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे राज्य में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं।
अगर पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान तापमान में भी काफी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान दुर्ग जिले में 29.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया, वहीं पेण्ड्रा रोड में रात का तापमान गिरकर 21.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि, इस साल मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रहने की वजह से अब तक छत्तीसगढ़ में औसतन 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आज कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी आशंका जताई है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। इस खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से सावधान रहने की अपील की है। बिजली चमकने या बादल गरजने के समय लोगों को खुले मैदानों में न रुकने और सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को कहा गया है।
आने वाले दिनों में भी प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो 30 जुलाई तक राज्य में लगातार मानसूनी बौछारें पड़ती रहेंगी। 26 जुलाई से बारिश का दायरा और बढ़ सकता है, जिससे कई इलाकों में अति भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
राजधानी रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आज दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है। लगातार हो रही बारिश की वजह से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। सड़कों पर जलजमाव और कम विजिबिलिटी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को धीमी गति से और सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाने की सलाह दी है।
खराब मौसम के संभावित खतरों को देखते हुए मौसम विभाग ने एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें लोगों से कहा गया है कि वे गरज-चमक के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और लोहे के ढांचे से दूर रहें। इसके अलावा, किसानों को मंडियों या खुले खेतों में रखी अपनी कटी हुई फसल या अनाज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। मौसम काफी तेजी से करवट ले रहा है, इसलिए विभाग ने सभी को समय समय पर मौसम का ताजा अपडेट लेने को कहा है।