ट्रेन में बढ़ेगी पारदर्शिता: रायपुर में TTE पहनेंगे बॉडी कैमरा, हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड

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रायपुर : ट्रेन में टिकट जांच को लेकर होने वाले विवादों और शिकायतों को कम करने के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था शुरू की है। अब रायपुर रेल मंडल के TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) बॉडी वार्न कैमरे के साथ ड्यूटी करेंगे। इन कैमरों में टिकट चेकिंग से लेकर यात्रियों से बातचीत तक की पूरी गतिविधि रिकॉर्ड होगी।

रेलवे ने इस व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। शुरुआत में रायपुर मंडल के 38 TTE को कैमरे दिए गए हैं। रेलवे का उद्देश्य टिकट जांच प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना और यात्रियों व कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा बढ़ाना है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में रायपुर मंडल को 45 बॉडी वार्न कैमरे मिले हैं। इनमें से 38 कैमरे TTE को सौंपे जा चुके हैं। इनमें रायपुर स्टेशन के 12 और दुर्ग स्टेशन के 26 TTE शामिल हैं। फिलहाल ये कैमरे उन कर्मचारियों को दिए गए हैं जो ट्रेनों में टिकट जांच और यात्रियों से सीधे संपर्क वाले काम करते हैं।

नई व्यवस्था के तहत TTE को ड्यूटी शुरू करते समय कैमरा ऑन करना होगा। टिकट जांच के दौरान यात्री और TTE के बीच होने वाली बातचीत, किसी तरह का विवाद या शिकायत जैसी स्थिति कैमरे में रिकॉर्ड होगी।

अगर किसी यात्री की ओर से दुर्व्यवहार, अवैध वसूली या गलत कार्रवाई की शिकायत आती है तो रिकॉर्डिंग के आधार पर मामले की जांच की जा सकेगी। वहीं, बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के मामलों में भी वीडियो रिकॉर्डिंग रेलवे के लिए सबूत का काम करेगी।

रेलवे द्वारा दिए गए बॉडी कैमरे आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें करीब 20 घंटे तक चलने वाली बैटरी, HD वीडियो रिकॉर्डिंग और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा है। इसके अलावा रात में रिकॉर्डिंग के लिए नाइट विजन फीचर भी दिया गया है। कैमरे से रिकॉर्ड किया गया डेटा रेलवे के सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे जांच के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

रेलवे की योजना आने वाले समय में इस सुविधा को और बढ़ाने की है। रायपुर रेल मंडल के करीब 280 कर्मचारियों को बॉडी वार्न कैमरे देने की तैयारी है। इसमें पार्सल क्लर्क, कॉमर्शियल स्टाफ, टिकट जांच कर्मचारी और अन्य पब्लिक डीलिंग स्टाफ शामिल होंगे। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने के बाद ज्यादा कर्मचारियों को इससे जोड़ा जाएगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बॉडी कैमरा व्यवस्था किसी पर नजर रखने के लिए नहीं, बल्कि काम में पारदर्शिता लाने के लिए शुरू की गई है। यात्रियों को इससे फायदा मिलेगा क्योंकि शिकायत की स्थिति में वास्तविक घटना की जानकारी सामने आ सकेगी। वहीं कर्मचारियों को भी ड्यूटी के दौरान किसी विवाद की स्थिति में रिकॉर्डिंग के रूप में सुरक्षा मिलेगी।

सीनियर डीसीएम डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव ने बताया कि अभी 38 TTE को कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में सभी पब्लिक डीलिंग स्टाफ को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। रेलवे को उम्मीद है कि इस पहल से टिकट जांच के दौरान होने वाली बहस और विवाद कम होंगे और यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा।

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