Weather Update: बारिश पर लगा विराम, लेकिन इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा; IMD का अलर्ट

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 Weather Update : छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से अब लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, राज्य में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कुछ हद तक कमजोर पड़ गई हैं। अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना काफी कम है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। 

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले 72 घंटों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। दिन के समय कुछ जगहों पर धूप और छांव का खेल देखने को मिल सकता है, जिससे उमस थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन शाम या रात के वक्त गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यह सुस्ती बस कुछ ही दिनों की है, क्योंकि तीन दिन बीतने के बाद मानसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ेगा और तेज बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकता है।

भले ही भारी बारिश का अनुमान न हो, लेकिन मौसम विभाग ने बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में बादलों की तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, बालोद, राजनांदगांव, कांकेर, जांजगीर-चांपा और कोरिया समेत कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे रुकने से बचें।

मौसम में आ रहे इस बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियों का हाथ है। इस समय मध्य प्रदेश और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का घेरा) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ लाइन भी मध्य भारत के मौसम को लगातार प्रभावित कर रही है। इन सिस्टम्स की वजह से छत्तीसगढ़ में नमी आ रही है, जिससे बारिश का माहौल तो बना रहेगा, लेकिन इसकी तीव्रता में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा। 

अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। भारी बारिश न होने के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि जांजगीर-चांपा में पारा 32.9 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, पेंड्रा रोड में सबसे कम 22.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जिससे रात के समय मौसम सुहावना बना रहा।

मानसून की यह सुस्ती ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग का साफ कहना है कि अगले तीन दिनों का शांत दौर बीतने के बाद प्रदेश में बारिश का दायरा और तेजी दोनों फिर से बढ़ेंगे। नया मौसमी सिस्टम एक्टिव होते ही छत्तीसगढ़ में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर लौटेगा। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे इस राहत के समय का इस्तेमाल अपने जरूरी कामों को निपटाने के लिए कर लें।

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