NEET UG 2026 काउंसलिंग में सख्ती: सीट छोड़ने से पहले सावधान, देना पड़ सकता है भारी जुर्माना

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में नीट यूजी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने वाले छात्रों को अब ज्यादा सावधान रहना होगा। थोड़ी सी लापरवाही से पूरा साल खराब हो सकता है।

इस बार दस्तावेजों की जांच यानी स्क्रूटनी बहुत सख्त होगी। जो छात्र स्क्रूटनी में शामिल नहीं होंगे, वे सीधे बाहर हो जाएंगे। काउंसलिंग में भाग लेने के लिए सुरक्षा निधि जमा करनी होगी। यदि सीट आवंटन के बाद छात्र प्रवेश नहीं लेता, तो यह राशि जब्त होगी। निजी कॉलेजों के लिए सुरक्षा राशि एक लाख रुपए तय है। वहीं सरकारी कॉलेजों में सामान्य वर्ग के लिए यह 10 हजार रुपए है। आरक्षित वर्ग के लिए सुरक्षा राशि पांच हजार रुपए रखी गई है।

सरकारी और निजी कॉलेजों में प्रवेश के बाद सीट छोड़ना महंगा पड़ेगा। इसके लिए विभाग ने कड़े ब्रेकेज बॉन्ड लागू किए हैं। एमबीबीएस (MBBS) में सीट छोड़ने पर अनारक्षित वर्ग को 25 लाख रुपए देने होंगे। आरक्षित वर्ग के लिए यह राशि 20 लाख रुपए तय है। बीडीएस (BDS) की सीट छोड़ने पर अनारक्षित वर्ग पर 5 लाख का जुर्माना है। आरक्षित वर्ग के लिए यह राशि चार लाख रुपए है। पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल की सरकारी सेवा देना अनिवार्य है। सेवा न देने पर 25 लाख रुपए तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

काउंसलिंग में राज्य के नियमानुसार आरक्षण लागू किया गया है। इसमें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 32 प्रतिशत आरक्षण है। अनुसूचित जाति (SC) को 12 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 14 प्रतिशत सीट आरक्षित हैं। इसके साथ ही महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। दिव्यांगों के लिए 5 प्रतिशत सीट आरक्षित रखी गई हैं। सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को 3-3 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

एनआरआई (NRI) कोटे के तहत आवेदन की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब छात्र 16 अगस्त तक अपना आवेदन भेज सकते हैं। छात्रों को अपने दस्तावेज तय ईमेल आईडी पर भेजने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार स्पॉन्सर के नियम भी बदल गए हैं। अब केवल प्रथम श्रेणी के रक्त संबंधी ही प्रायोजक बन सकते हैं। इनमें माता-पिता, सगे भाई-बहन और दादा-दादी शामिल हैं। इसके अलावा नाना-नानी, सगे चाचा, मामा, मौसी या बुआ प्रायोजक हो सकते हैं।यदि प्रायोजक सगा संबंधी नहीं है, तो कानूनी अभिभावक होना जरूरी है। यह प्रमाण पत्र गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट 1890 के तहत होना चाहिए।

  • ऑनलाइन पंजीयन और शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 16 अगस्त है।
  • चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 17 अगस्त को होगी।
  • मेरिट लिस्ट का प्रकाशन 18 अगस्त को किया जाएगा।
  • प्रथम चरण का आवंटन परिणाम 20 अगस्त को आएगा।
  • संस्थानों में स्क्रूटनी और प्रवेश प्रक्रिया 21 से 27 अगस्त तक चलेगी।

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