छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेजों को झटका, INC सूची से नाम गायब; छात्रों में मची अफरा-तफरी

रायपुर : नर्सिंग शिक्षा को लेकर बड़ा झटका लगा है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की सूची से प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेज बाहर हो गए हैं। सूची सामने आते ही छात्रों, अभिभावकों और कॉलेज संचालकों में चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसे “पूरी मान्यता रद्द” मानना जल्दबाजी होगी, क्योंकि राज्य नर्सिंग परिषद की मान्यता, विश्वविद्यालय की संबद्धता और INC की उपयुक्तता तीन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
INC की सूची से बाहर हुए 42 कॉलेजों का जिला-वार ब्यौरा इस प्रकार है:
- रायपुर: 15 कॉलेज
- बिलासपुर: 7 कॉलेज
- दुर्ग: 6 कॉलेज
- राजनांदगांव: 5 कॉलेज
- बलरामपुर: 2 कॉलेज
- सरगुजा: 2 कॉलेज
- बस्तर, गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़, सूरजपुर: 1-1 कॉलेज
सबसे ज्यादा परेशानी BSc Nursing, GNM और अन्य पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे छात्रों को है। उनके सामने 3 बड़े सवाल:
- पढ़ाई और परीक्षा का क्या होगा?
- डिग्री की वैधता रहेगी या नहीं?
- रजिस्ट्रेशन और आगे नौकरी में दिक्कत तो नहीं आएगी?
INC नियमों के मुताबिक नर्सिंग कॉलेज में ये मानक जरूरी हैं:
- भौतिक अधोसंरचना – बिल्डिंग, लैब
- शिक्षकीय स्टाफ की निर्धारित संख्या
- क्लीनिकल सुविधाएं और अस्पताल से ट्रेनिंग की व्यवस्था
- नियमित निरीक्षण में खरा उतरना
नई व्यवस्था में राज्य स्तर की मान्यता के बाद 6 महीने के भीतर INC की उपयुक्तता लेना अनिवार्य किया गया है। जिन कॉलेजों ने ये पूरा नहीं किया, उनके नाम सूची से हटे हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने मान्यता और अनुमतियों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। काउंसिल कॉलेजों का निरीक्षण कर मानकों की निगरानी कर रही है।
नर्सिंग कॉलेज एसोसिऐशन के प्रमुख राजीव गुप्ता का इस मामले में कहना है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कॉलेजों की सूची में 10 नाम ऐसे हैं, जिन्हें हाई कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। इसके अलावा कई अन्य बिंदु हैं, जिसको लेकर विवाद है।



विशेषज्ञों ने छात्रों से कहा है कि वे अपने कॉलेज की स्थिति की पुष्टि राज्य नर्सिंग काउंसिल, संबंधित विश्वविद्यालय और INC की आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें।