नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा, प्रशासन ने किया सील

महासमुंद : नकली पनीर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने भलेसर रोड स्थित वैद्या फूड प्रोडक्ट में छापेमारी की। करीब 3 एकड़ में फैली फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तैयार एनालॉग पनीर मिला है। एडीएम (Additional District Magistrate) के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए।
जांच के लिए सैंपल भेजने के साथ ही फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। प्रशासन अब फैक्ट्री की उत्पादन प्रक्रिया और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहा है।
यह कार्रवाई प्रदेश में मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
महासमुंद में हुई इस कार्रवाई के लिए प्रशासन की विशेष टीम गठित की गई थी। एडीएम के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम भलेसर रोड स्थित फैक्ट्री पहुंची और पूरे परिसर की जांच की।
टीम ने फैक्ट्री में तैयार पनीर समेत अन्य सामग्री की जांच की और जरूरी नमूने लिए। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर में हजारों किलो तैयार एनालॉग पनीर मिलने की बात सामने आई है।
प्रशासन ने पनीर के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि जांच में कितना समय लगेगा, लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कार्रवाई तय होगी।
बताया गया है कि वैद्या फूड प्रोडक्ट का परिसर करीब 3 एकड़ में फैला हुआ है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरे परिसर को सील कर दिया गया है।
अधिकारियों की तरफ से फैक्ट्री (paneer factory) में मौजूद सामग्री और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
एनालॉग पनीर को लेकर खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े सवाल लगातार उठते रहे हैं। प्रशासन की तरफ से की गई इस कार्रवाई का मकसद प्रतिबंधित या नियमों के विपरीत बनाए जा रहे खाद्य उत्पादों पर रोक लगाना है।
सैंपल की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फैक्ट्री में तैयार उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
इस मामले में जिले के खाद्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर भी लंबे समय से सवाल उठने की बात सामने आई है। इसी वजह से कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग के जिला अधिकारियों को छापेमारी की सूचना अंतिम चरण में दिए जाने की जानकारी है।
यह पहलू प्रशासनिक स्तर पर विभागीय समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
कार्रवाई के बाद प्रदेश में नकली पनीर के कारोबार और दूसरे राज्यों से पनीर मंगाकर छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा में सप्लाई किए जाने वाले नेटवर्क पर भी नजर बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन इस पूरे नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकता है। यह आरोप अभी शुरुआती जानकारी पर आधारित है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फैक्ट्री से लिए गए पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। अगर रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस पर क्या अंतिम कार्रवाई होती है।