अनोखे अंदाज में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन, सड़क पर बेचने लगे चाय; बोले- डॉक्टरी से तो चाय बेचना बेहतर

अंबिकापुर : अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने 17 अगस्त को अलग नजारा दिखा। यहां हड़ताल पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों ने चाय का स्टॉल लगाया। स्टॉल का नाम ‘एमबीबीएस चायवाला’ रखा गया। डॉक्टरों ने मरीजों के परिजनों और राहगीरों को चाय पिलाई। उन्होंने वहां एक डिब्बा भी रखा। उस पर लिखा था कि लोग अपनी मर्जी से पैसे दे सकते हैं।
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने एक घंटे में 600 रुपए कमाए। डॉक्टरों ने बताया कि 12 घंटे ड्यूटी करने पर उन्हें रोजाना 530 रुपए मिलते हैं।उनका कहना है कि एक चायवाला भी उनसे अधिक कमाई कर लेता है। डॉक्टरों ने अपनी मेहनत के मुकाबले स्टाइपेंड को बहुत कम बताया।
इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर हैं। वे 4 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। डॉक्टरों की मुख्य मांग स्टाइपेंड को 15 हजार 900 रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करना है। उनका कहना है कि पड़ोसी राज्य ओडिशा में डॉक्टरों को 30 हजार रुपए मिलते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि वे ओपीडी (OPD – Outpatient Department) और आईसीयू (ICU – Intensive Care Unit) में दिन-रात काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें बहुत कम स्टाइपेंड दिया जाता है। डॉक्टर बनने के बाद भी परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
डॉक्टरों ने शासन को अपनी मांगें जल्द पूरी करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मांगें न मानने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।