BJP झंडे वाले वायरल पोस्ट पर बढ़ा विवाद, सुप्रिया श्रीनेत, यूट्यूबर नेहा सिंह राठौर समेत 3 के खिलाफ FIR

neha supriya

रायपुर : राजधानी रायपुर में स्वतंत्रता दिवस के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट को लेकर सियासी विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक की शिकायत पर कांग्रेस की सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर और एक्स के एक पेज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला धमतरी जिले के कुरूद में भाजपा का झंडा फहराए जाने के दावे से जुड़े वीडियो और तस्वीरों का है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने वीडियो और तस्वीरों को स्वतंत्रता दिवस का बताकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिससे लोगों के बीच गलत जानकारी पहुंची और राजनीतिक तनाव पैदा होने की स्थिति बनी।

पुलिस के मुताबिक उज्ज्वल दीपक ने 17 अगस्त को साइबर क्राइम और सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि 15 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें प्रसारित की गईं। इन पोस्ट के जरिए कथित तौर पर दावा किया गया कि धमतरी के कुरूद में भाजपा नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह पार्टी का झंडा फहराया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वायरल सामग्री वास्तव में 22 मार्च 2026 को आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान की है। आरोप है कि इसी पुराने कंटेंट को स्वतंत्रता दिवस के संदर्भ में पेश किया गया।

उज्ज्वल दीपक ने आरोप लगाया कि वीडियो और तस्वीरों को नए संदर्भ में प्रसारित कर भाजपा और उसके जनप्रतिनिधियों की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर इस तरह की सामग्री प्रसारित होने से लोगों में भ्रम पैदा हो सकता है। इससे सामाजिक और राजनीतिक तनाव बढ़ने के साथ सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस अब वायरल पोस्ट, वीडियो और तस्वीरों के स्रोत समेत पूरे डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भाजपा नेता उज्ज्वल दीपक ने पुलिस से संबंधित पोस्ट, वीडियो, तस्वीरों, कमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।  उन्होंने पोस्ट की तकनीकी जांच कराने, सामग्री के मूल स्रोत का पता लगाने और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मेटाडाटा हासिल करने की मांग भी की है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित सामग्री सबसे पहले कहां से और किस संदर्भ में पोस्ट की गई थी।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस वायरल वीडियो और तस्वीरों के वास्तविक समय व संदर्भ, उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने और कथित तौर पर स्वतंत्रता दिवस से जोड़ने के पीछे की परिस्थितियों पर रहेगा। पुलिस के अनुसार जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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