1.55 करोड़ की ठगी का शिकार हुए शिक्षक, छात्र ने ऐसे दिया धोखे को अंजाम

THAGI

रायपुर। रायपुर में कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र ने शिक्षक से 1.55 करोड़ की ठगी कर ली। धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देने के बाद छात्र अपने पूरे परिवार के साथ घर में ताला लगाकर फरार हो गया। पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर थाना आजाद नगर में पांच लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित पुष्कर जैन 38 वर्ष निवासी समता कॉलोनी ने थाना आजाद चौक में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित पेशे से एक शिक्षक हैं। वर्ष 2020-2021 में उनकी पहचान उनके ही कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र नेहल अग्रवाल निवासी पत्थलगांव से हुई थी। इस दौरान उसने अपने साथी ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल व अन्य परिजनों से मिलवाते हुए बताया कि वे सभी एक साथ क्रिप्टोकरेंसी व यूएसडीटी ट्रेडिंग का व्यवसाय करते है और इस व्यवसाय में 25 से 30 प्रतिशत प्रतिमाह लाभ कमाते है।

आरोपियों ने पीड़ित को बताये कि उनके साथ निवेश करने वाले व्यक्तियों को प्रतिमाह 8 से 10 प्रतिशत तक लाभ दिया जाता है और खुद के लगभग 3 करोड़ रुपये इस व्यवसाय में निवेश किये हुए है। आरोपियों ने कोचिंग के शिक्षक को भी निवेश करने को कहा।

आरोपियों की बातों में आकर शिक्षक ने 22 अगस्त 2024 से अलग-अलग तिथियों में अपने बैंक खातों से आरोपियों के बैंक खातों में बड़ी धनराशि आरटीजीएस व ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर की। शुरू में विश्वास कायम करने के लिए आरोपियों द्वारा शिक्षक को कुछ समय तक लाभ दिया गया, जिससे ऊन्हे यह विश्वास हो गया कि उनका व्यवसाय वास्तव में लाभदायक है।

इसी झांसे में शिक्षक ने खुद की जमा पूंजी के साथ-साथ बैंक व अन्य जगहों से ऋण लेकर निवेश किया। कुछ माह बाद जब उन्होंने अपनी मूल राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने झूठे बहाने बनाकर गुमराह करने लगे। जनवरी 2025 में पीड़ित शिक्षक को आरोपी के रिश्तेदारों ने आश्वासन दिया कि दो माह के भीतर पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।

इसके बाद आरोपियों द्वारा लगातार गुमराह करते रहे। कभी कहा गया कि वे मुंबई से पैसा लेने गए हैं, कभी कहा गया कि ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक हो गई है, पूरा पैसा उसमें फँस गया है। इसी बीच पीड़ित के पास आरोपी के चाचा नमित अग्रवाल उर्फ विक्की ने संपर्क कर फिर से निवेश करने के लिए प्रेरित किया और अपनी व्यक्तिगत गारंटी देते हुए कहा कि यदि दोबारा पूंजी लगाई तो ट्रेडिंग शुरू कर सभी निवेशकों की राशि लौटा दी जाएगी।

आरोपियों के पूरे परिवार द्वारा विश्वास में लेटे हुए लगातार दबाव बनाये। झांसे में आकर 3 फरवरी को 9,90,000 सीमा देवी अग्रवाल के बैंक खाते में जमा करा दिए। इसके तत्काल बाद 5 फ़रवरी को सभी आरोपी अपना मोबाइल फोन बंद कर रायपुर स्थित निवास छोड़कर फरार हो गए।

ललित अग्रवाल व्हाट्सएप पर सक्रिय रहता है, लेकिन मैसेज का उत्तर नहीं देता। नमित अग्रवाल भी कॉल नहीं उठा रहा है। पीड़ित शिक्षक ने अलग अलग तारीखों में कुल 1,54,90,000 रूपये क्रिप्टो करेंसी/यूएसडीटी ट्रेडिंग मे निवेश के नाम पर भुगतान किया था। इस तरह निवेश के नाम पर नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा देवी व नमित अग्रवाल ऊर्फ विक्की के द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधडी की गई।

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