रिश्वत केस में जेल में बंद पूर्व चीफ इंजीनियर की जमानत मंजूर, हाई कोर्ट का फैसला

बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा को नियमित जमानत दे दी है। पूर्व चीफ इंजीनियर वर्मा के खिलाफ ACB रायपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच ने नियमित जमानत दे दी है
भागीरथी वर्मा वर्ष 2019 से 2023 के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि उन्होंने नगर निगम के ठेकों में काम दिलाने के एवज में हर ठेके पर 25 प्रतिशत कमीशन की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक विभिन्न माध्यमों से करीब 2 करोड़ 2 लाख 52 हजार रुपए की राशि और कीमती सामान लिए जाने का आरोप है।
एसीबी ने बीते 17 जून को वर्मा के रायपुर स्थित आवास और उनकी बेटी के बिलासपुर स्थित किराए के मकान में तलाशी ली थी। इसके बाद उन्हें जांच एजेंसी के मुख्यालय ले जाया गया। याचिका में गिरफ्तारी की प्रक्रिया और समय को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। वर्मा उसी दिन से न्यायिक हिरासत में थे। उनकी ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ रिश्वत मांगने या स्वीकार करने का कोई ठोस और स्वतंत्र प्रमाण नहीं है। मामला सिर्फ शिकायतकर्ता के अपुष्ट आरोपों पर आधारित है। राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए बताया गया कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
हाई कोर्ट ने माना कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, आरोपी 17 जून से जेल में है और ट्रायल पूरा होने में समय लगने की संभावना है। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को जमानतदारों के साथ निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने ट्रायल छह महीने में पूरा करने का निर्देश दिया है।