PHE में 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति का आदेश जारी, सुप्रीम कोर्ट से मामला खत्म होते ही मिली हरी झंडी

रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में लंबे समय से अटकी उप अभियंताओं की भर्ती प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट में मामला खत्म होने के महज दो दिन बाद विभाग ने 111 उप अभियंताओं के नियुक्ति और पदस्थापना आदेश जारी कर दिए। इनमें 101 सिविल और 10 विद्युत/यांत्रिक इंजीनियर शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों को पदस्थापना स्थल पर 15 दिनों के भीतर ज्वाइन करना अनिवार्य किया गया है। तय समयसीमा में ज्वाइन नहीं करने पर नियुक्ति स्वत: निरस्त मानी जाएगी।
उप अभियंता भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने अप्रैल 2025 में लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद जुलाई 2025 में मेरिट सूची के आधार पर अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन और पदस्थापना विकल्प के लिए काउंसलिंग कराई गई थी। हालांकि न्यायालयीन प्रकरण के चलते नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई थी।
संबंधित याचिका का सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को निराकरण किया। इसके बाद PHE विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 22 अगस्त को प्रथम चरण की अनुशंसित सूची के आधार पर 111 अभ्यर्थियों के नियुक्ति एवं पदस्थापना आदेश जारी कर दिए। इस तरह अदालत से राहत मिलने के महज दो दिन में नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ गई।
भर्ती प्रक्रिया में उप अभियंता सिविल के 118 और विद्युत/यांत्रिक के 10 पद शामिल थे। पहले चरण में 101 सिविल और 10 विद्युत/यांत्रिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई है। शेष पदों को लेकर विभागीय नियमों और उपलब्ध चयन सूची के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने युवा इंजीनियरों की नियुक्ति पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और जल जीवन मिशन समेत ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को तकनीकी मजबूती मिलेगी। इंजीनियरों की नियुक्ति से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं की मॉनिटरिंग में भी सुधार की उम्मीद है।
विभाग ने नियुक्ति के साथ दस्तावेजों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग के समय शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी योग्यता, स्थायी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र समेत जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी।
इसके अलावा जन्मतिथि के प्रमाण के लिए कक्षा 10वीं की मूल अंकसूची या मूल जन्म प्रमाण पत्र भी देना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।
करीब डेढ़ साल से लंबित भर्ती प्रक्रिया अब नियुक्ति के चरण में पहुंच गई है। विभाग को उम्मीद है कि नए उप अभियंताओं की उपलब्धता से मैदानी कार्यों की निगरानी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही पेयजल योजनाओं को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।