बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के टेकओवर में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, AAI से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

बिलासपुर। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को सौंपने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने AAI से पूछा कि राज्य सरकार की ओर से भेजे गए पत्रों के बाद अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने पूरी स्थिति शपथ पत्र के साथ पेश करने और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को होगी।
जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या और फेरे कम किए गए हैं। उड़ानों में कटौती की स्पष्ट वजह सामने नहीं आने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन और यात्री सुविधाओं को लेकर वर्ष 2017 में दायर जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई जारी है।
राज्य सरकार ने बिलासपुर एयरपोर्ट के संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी AAI को सौंपने का प्रस्ताव दिया था। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और एविएशन विभाग की ओर से 12 दिसंबर 2025, 11 फरवरी 2026 और 14 जुलाई 2026 को AAI को पत्र भेजे गए थे।
AAI ने 21 अगस्त 2026 को कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में बताया कि ड्राफ्ट एमओयू 10 अगस्त को प्लानिंग डायरेक्टरेट को भेज दिया गया है और फिलहाल मामला मुख्यालय स्तर पर विचाराधीन है। प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए AAI से स्पष्ट स्थिति रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई के दौरान विमानन संचालनालय ने एयरपोर्ट पर चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी भी कोर्ट के सामने रखी। टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर बनाए जा रहे पब्लिक यूटिलिटी भवन का करीब 60 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। भवन का ढांचा, दीवार और प्लास्टर का काम पूरा हो गया है, जबकि छत का काम जारी है। विभाग ने 20 अक्टूबर 2026 तक निर्माण पूरा करने की समय-सीमा तय की है।
वहीं, एप्रन का सिविल कार्य पूरा हो चुका है और करीब 90 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल काम भी पूरा किया जा चुका है। बाउंड्री वॉल और पेरीमीटर रोड के डामरीकरण के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं।
एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी और सहायक कार्यकारी ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। चीफ एयरोड्रोम सिक्योरिटी ऑफिसर की निगरानी में एयरपोर्ट के महत्वपूर्ण स्थानों पर करीब 85 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
अब हाईकोर्ट की निगाह AAI की अगली कार्रवाई पर है। 29 सितंबर को होने वाली सुनवाई में पेश की जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर टेकओवर की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है और आगे इसे पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।