गंगरेल बांध लबालब, खतरे के करीब पहुंचा जलस्तर; 72 गांवों में हाई अलर्ट

धमतरी। छत्तीसगढ़ का प्रमुख गंगरेल बांध इन दिनों पूरी तरह भरने की कगार पर है। बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे निचले इलाकों के 72 गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर और पानी की आवक पर नजर बनाए हुए हैं।
जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए गंगरेल बांध के रेडियल गेट खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर किसी भी समय गेट खोले जा सकते हैं। गेट खुलने के बाद महानदी में पानी का प्रवाह अचानक तेज हो सकता है। इसी वजह से नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ा दिए हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार गंगरेल बांध का पूर्ण जलस्तर 348.70 मीटर निर्धारित है। फिलहाल बांध में पानी का स्तर 348.27 मीटर तक पहुंच चुका है। यानी बांध को पूरी तरह भरने में अब सिर्फ 43 सेंटीमीटर पानी की जरूरत है।
बांध में इस समय करीब 10,667 क्यूसेक प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी की आवक हो रही है। लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गंगरेल के साथ जिले के अन्य जलाशयों में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। मुरुमसिल्ली बांध अपनी क्षमता के करीब पहुंच चुका है और वहां से स्वचालित प्रणाली के जरिए लगातार पानी बाहर निकल रहा है। वहीं दुधावा और सोंढूर बांध में भी जलभराव तेजी से बढ़ रहा है।
प्रशासन के मुताबिक इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ती आवक को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और जलाशयों के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।