भिलाई में 31 लाख का गबन, हाइटेक अस्पताल के कैशियर ने बैंक में जमा किए बिना भेज दी फर्जी रिपोर्ट, कैशियर जसविंदर सिंह गिरफ्तार

hitek_hospital_200kb

भिलाई। भिलाई शहर के हाइटेक अस्पताल में करीब 31 लाख रुपए के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल के कैशियर जसविंदर सिंह (46) पर छह महीने के भीतर अस्पताल की नकद राशि में हेराफेरी करने का आरोप है। उसकी जिम्मेदारी अस्पताल में आने वाली नकदी का हिसाब रखने और उसे बैंक खाते में जमा कराने की थी। रकम बैंक में जमा करने के बाद वह संबंधित अधिकारियों को ईमेल के जरिए इसकी जानकारी देता था। जांच में सामने आया कि उसके द्वारा भेजी गई ये जानकारियां फर्जी थीं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गबन की रकम का एक हिस्सा अपने भाई को दिया, जबकि कुछ पैसे ब्याज पर लोगों को उधार दिए। इसके अलावा उसने रकम का कुछ हिस्सा अपनी प्रेमिका पर भी खर्च किया। आरोपी ने अपने भाई के खाते में UPI के जरिए अलग-अलग किस्तों में 50-50 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस तरह उसने करीब 3.5 लाख रुपए भाई को भेजे।

जांच में सामने आया कि 18 फरवरी को आरोपी अस्पताल से 11 लाख रुपए लेकर एचडीएफसी बैंक के खाते में जमा कराने निकला था। इसके बाद उसने अस्पताल संचालक मनोज अग्रवाल की बहू को ईमेल भेजकर दावा किया कि रकम बैंक खाते में जमा कर दी गई है। उसने अस्पताल के सिस्टम में भी रकम जमा होने की एंट्री कर दी।

कुछ समय बाद जब सीए ने बैंक में जमा रकम के संबंध में आरोपी से जानकारी मांगी तो उसने बहाना बनाते हुए बताया कि बैंक से साहब ने रकम निकाल ली है। जब उसे लगा कि इस गड़बड़ी का पता नहीं चला है, तो उसने दोबारा इसी तरीके से रकम हड़पने की योजना बनाई।

20 अगस्त को आरोपी ने अस्पताल से बैंक में जमा कराने के लिए 20 लाख रुपए लिए, लेकिन इस बार भी उसने रकम बैंक खाते में जमा नहीं की। इसके बाद उसने पहले की तरह ही फर्जी जानकारी देकर रकम जमा होने का रिकॉर्ड तैयार कर दिया।

फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल संचालक को पैसों की जरूरत पड़ी। 29 अगस्त को बैंक खाते का बैलेंस चेक करने पर करीब 32 लाख रुपए कम मिले। इसके बाद संचालक मनोज अग्रवाल ने सीए और सीनियर अकाउंटेंट से पूरे मामले की जानकारी ली।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने जिन तारीखों में रकम बैंक में जमा करने की जानकारी दी थी, उन तारीखों में अस्पताल के खाते में संबंधित राशि जमा ही नहीं हुई थी। इसके बाद अस्पताल संचालक और अन्य कर्मचारियों ने आरोपी से पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी ने रकम गबन करने की बात स्वीकार कर ली और दो दिन के भीतर पूरी रकम वापस करने का भरोसा दिलाया। लेकिन इसके बाद वह अस्पताल आना बंद कर दिया और फोन भी रिसीव नहीं किया।

मामले की शिकायत अस्पताल संचालक ने पुलिस से की। पुलिस ने आरोपी जसविंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।